चंडीगढ़
वेरका मिल्क और कैटलफीड प्लांट आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन ने चंडीगढ़ वेरका प्लांट के गेट पर रैली की और पंजाब सरकार व मिल्कफेड प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। यूनियन के प्रधान रूपिंदर सिंह ने बताया कि इसी तरह की रैलियां वेरका के अन्य प्लांटों में भी आयोजित की गईं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से यूनियन की मांगें लंबित हैं और प्रबंधन पिछली बैठकों में स्वीकार की गई मांगों को भी लागू नहीं कर रहा है। जायज मांगों को मानने की बजाय पंजाब सरकार की शह पर यूनियन नेताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।
रूपिंदर सिंह ने बताया कि 15 सितंबर को चंडीगढ़ में प्रबंध निदेशक राहुल गुप्ता के साथ हुई बैठक के दौरान यूनियन नेताओं को मुकदमे दर्ज करने और जेल भेजने की धमकियाँ दी गई थीं। इसके विरोध में सूबा कमेटी ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
यूनियन ने घोषणा की कि 28 सितंबर को शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर “ठेका संघर्ष मोर्चा” के बैनर तले पंजाब के मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने 6 अक्टूबर 2025 से लगातार तीन दिन तक विरोध प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया।
प्रधान रूपिंदर सिंह ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी जायज़ माँगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दौरान किसी भी प्लांट को नुकसान होता है तो उसकी ज़िम्मेदारी पंजाब सरकार और वेरका प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर पवित्र सिंह, रविंदर सिंह, इंदरजीत सिंह, हरमिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद थे।
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