भारत के प्रत्यर्पण प्रयासों को नीरव मोदी की चाल ने दिया झटका

देश

नई दिल्ली

ब्रिटेन की अदालत ने नीरव मोदी की उस अपील को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उसने अपनी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को फिर से खोलने की मांग रखी। इससे उसे जल्द भारत लाने की कोशिशों को झटका लग सकता है। इस फैसले के बाद भारत सरकार और जांच एजेंसियां लंदन को जवाब भेजने की तैयारी में हैं, ताकि लंबी कानूनी लड़ाई से बचा जा सके। सीनियर अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'नीरव मोदी ने अपनी कानूनी टीम के जरिए पिछले महीने यूके की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसमें उसने भारत में प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील को फिर से खोलने की मांग की। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया है और भारत सरकार को नोटिस भेजा गया है।'

नीरव मोदी ने अपनी अर्जी में दावा किया कि अगर उसे भारत भेजा गया तो कई एजेंसियां उससे पूछताछ करेंगी और इस दौरान उसे यातना का सामना करना पड़ सकता है। अदालत ने अभी इस अर्जी पर सुनवाई की तारीख तय नहीं की है। एक अन्य सरकारी अधिकारी ने कहा, 'हम विस्तार से जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं, जो राजनयिक चैनलों के जरिए भेजा जाएगा। हम नीरव के दावों का खंडन करेंगे। अदालत से इस अर्जी को खारिज करने की अपील करेंगे, क्योंकि प्रत्यर्पण का आदेश 2022 में ही अंतिम हो चुका था।'

पंजाब नेशनल बैंक घोटाला क्या है?

भारत सरकार यह बताने की योजना बना रही है कि अगर नीरव को प्रत्यर्पित किया गया, तो उसका मुकदमा पूरी तरह भारतीय कानून के अनुसार होगा। साथ ही, किसी भी एजेंसी की ओर से उससे पूछताछ नहीं की जाएगी। बता दें कि नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात, भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और करार उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं। 2011 से 2017 तक उन्होंने अपनी कंपनियों (जैसे फायरस्टार डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स) के लिए पीएनबी के मुंबई ब्रांच से 1,200 से अधिक फर्जी लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) हासिल किए, जो विदेशी बैंकों से कर्ज लेने के लिए इस्तेमाल हुए। बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से ये एलओयू बिना गारंटी या रिकॉर्ड जारी किए गए, जिससे बैंक को 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry