नई दिल्ली
दिल्ली को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और रिंग रोड को बेहतर बनाए रखने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रिंग रोड के रखरखाव और मरम्मत को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे आठ हिस्सों में बांटने का फैसला किया है. प्रत्येक हिस्से की जिम्मेदारी चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है.
दिल्ली को भीड़भाड़ से मुक्त बनाने के लिए बनाए गए रिंग रोड को बेहतर रखरखाव और मरम्मत के लिए आठ हिस्सों में बांटकर किया गया है.प्रत्येक हिस्सों की निगरानी के लिए एक चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी नियुक्त किया जाएगें.
48 किलोमीटर लंबी रिंग रोड पर 14 से अधिक बड़े जंक्शन हैं, जहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है. सड़कों की खराब स्थिति, नालियों की गंदगी और हरित क्षेत्र की उपेक्षा को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने हाल ही में अधिकारियों के साथ रिंग रोड का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और कई निर्देश दिए.
अब लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव ने एक आदेश जारी कर कहा है कि रिंग रोड के प्रत्येक खंड की नियमित निगरानी की जाएगी. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की टालमटोल प्रवृत्ति पर रोक लगाना और उनकी जवाबदेही तय करना है.
दिल्ली रिंग रोड सुधार योजना के तहत जिन इलाकों को आठ हिस्सों में बांटा गया है, उनमें शामिल हैं पहला प्रगति मैदान से कश्मीरी गेट ब्रिज तक है. दूसरा सिविल लाइंस से मुकरबा चौक तक है. तीसरा शालीमार बाग ब्रिज से ब्रिटानिया चौक तक है. चौथा पंजाबी बाग से मानसरोवर गार्डन तक है.
पांचवां मायापुरी फ्लाईओवर से दिल्ली कैंट तक है. छठा धौला कुआं से वर्ल्ड ट्रेड सेंटर तक है. सातवां सरोजिनी नगर से लाजपत नगर पुल तक है. आठवां श्रीनिवासपुरी से मिलेनियम पार्क तक है.
इस फैसले से रिंग रोड के रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट होगी और समय पर मरम्मत और सफाई सुनिश्चित होगी. सरकार का दावा है कि इससे दिल्लीवासियों को बेहतर और सुरक्षित सड़क पहुंच मिलेगी.
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