इंदौर
इंदौर के महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले शूर्पणखा पुतला दहन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. रघुवंशी समाज ने इस आयोजन का जोरदार विरोध करते हुए बुधवार को विजयनगर थाने और जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. रघुवंशी समाज का आरोप है कि आयोजन में शूर्पणखा के पुतले पर सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.
नाम और चेहरे के इस्तेमाल का विरोध
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुराई का प्रतीक दर्शाने के लिए किसी व्यक्ति विशेष या जाति का नाम जोड़ना समाज विरोधी है.
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस आयोजन से सोनम रघुवंशी का नाम नहीं हटाया गया, तो कार्यक्रम पूरी तरह से निरस्त किया जाए, अन्यथा समाज व्यापक आंदोलन करेगा.
जिला अध्यक्ष पिंकी रघुवंशी ने कहा कि इस तरह का आयोजन महिला समाज का अपमान है और यह न केवल अवैधानिक बल्कि समाज विरोधी भी है. उनका कहना था कि जिन महिलाओं को इस आयोजन में शूर्पनखा के चेहरे के रूप में दर्शाया जा रहा है, वो केवल आरोपी हैं और उनके प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं. ऐसे में दोष सिद्ध किए बिना उनका नाम इस प्रकार से जोड़ना गलत है.
रघुवंशी समाज को बदनाम करने की साजिश: प्रदर्शनकारी
वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर रघुवंशी ने आरोप लगाया कि संस्था जानबूझकर केवल 11 हिंदू महिलाओं को निशाना बना रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अपराध पुरुष और महिलाएं दोनों करते हैं, तो केवल महिलाओं को क्यों चुना जा रहा है. उनके अनुसार, अखबारों और सोशल मीडिया पर इस आयोजन का प्रचार कर समाज और अन्य समुदायों की छवि धूमिल की जा रही है.
सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी ने भी इसे परिवार और समाज की प्रतिष्ठा पर हमला करार दिया. उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए.
फिलहाल, जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. रघुवंशी समाज के बढ़ते विरोध को देखते हुए यह आयोजन रद्द होगा या संशोधित, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

