अपराध मामला: अब्बास अंसारी और चार अन्य आरोपियों को हाईकोर्ट ने दी राहत

उत्तर प्रदेश राज्य

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्बास अंसारी, नवनीत सचान, शाहबाज आलम व फिरोज खान के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में चित्रकूट के कर्वी कोतवाली में दर्ज एफआईआर रद्द कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की खंडपीठ ने नवनीत सचान, शाहबाज आलम व फिरोज खान की गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एफआईआर की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस मिश्र, अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय, अभिषेक मिश्र, चंद्रकेश मिश्र और अपर महाधिवक्ता व एजीए को सुनने के बाद याचिका स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने यह आदेश गैंग चार्ट तैयार करने व पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक में चर्चा कर अनुमोदित करने में नियम 5(3) ए का पालन करने के आधार पर यह आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में जारी गैर जमानती वारंट भी रद्द कर दिया है।

कोर्ट ने कहा कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में लोक व्यवस्था भंग करने पर विस्तृत ब्यौरे के साथ चर्चा नहीं की गई। केवल औपचारिकता की गई है। एफआईआर में भी विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है इसलिए गैंग चार्ट तैयार करने की कार्यवाही दूषित है। सीनियर एडवोकेट डीएस मिश्र व एडवोकेट उपेंद्र उपाध्याय का कहना था कि गैंग चार्ट तैयार करने में नियमों की अनदेखी की गई। अपराध का डिटेल नहीं दिया गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक में चर्चा नहीं की गई।

गैंगस्टर एक्ट की एफआईआर के अनुसार चित्रकूट जेल में बंद गैंग लीडर अब्बास अंसारी से उसकी बीवी निकहत बानो ने 10 फरवरी 2023 को अवैध तरीके से घंटों लंबी मुलाकात की। सूचना मिलने पर डीएम चित्रकूट ने जेल में जाकर बैरक का मुआयना किया तो अंसारी बैरक में नहीं मिला। बैरक में दो मोबाइल, ज्वेलरी, 12 सऊदी रियाल बरामद किए गए। इसके बाद अब्बास को नैनी जेल भेज दिया गया। इसके बाद उसे 14 फरवरी 2023 को कासगंज जेल भेज दिया गया।

सरकार की ओर से कहा गया नवनीत सचान जेल अधिकारियों को पैसे भेजता था। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक में चर्चा के बाद गैंग चार्ट तैयार किया गया। 29 अगस्त 2024 को गैंग चार्ट अनुमोदित किया गया। नियमानुसार कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने इसे नहीं माना और कहा कि गैंग चार्ट तैयार करने में नियमों का पालन नहीं किया गया इसलिए कार्यवाही अवैध है और गैंगस्टर एक्ट की 31 अगस्त 2024 की एफआईआर रद्द कर दी।

 

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