अप्रैल के पहले हफ्ते भीगेगा राजस्थान, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं और कई जिलों में गिरेगी बिजली

राज्य

जयपुर
राजस्थान के आसमान में एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। दरअसल, प्रदेश में अगले दो दिनों के भीतर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है, जिससे जयपुर, अजमेर और बीकानेर समेत कई संभागों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
आज दोपहर से ही बदलेगा मिजाज

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम का असर आज यानी 2 अप्रैल की दोपहर के बाद से ही नजर आने लगेगा। इसस जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी जैसे रेतीले इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि अप्रैल का पूरा पहला हफ्ता भीगने वाला है, क्योंकि 7-8 अप्रैल को एक और सिस्टम एक्टिव होने की लाइन में लगा है।

इन जिलों में मचेगा सबसे ज्यादा असर
प्रदेश के कई संभागों में प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने बताया है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जोधपुर और बीकानेर संभाग में धूल भरी आंधी और गरज-चमक का सबसे ज्यादा असर दिखेगा। जयपुर और अजमेर में अचानक बादल छाने और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। साथ ही भरतपुर और कोटा के इलाकों में भी मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है।

अन्नदाता पर दोहरी मार
एक तरफ जहां शहर के लोगों को तपती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। खेतों में रबी की फसल पककर तैयार है, ऐसे में ओले और बारिश फसल को तबाह कर सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने, मंडियों में खुले में रखे अनाज को तिरपाल से ढंकने के इंतजाम पुख्ता रखें। खेतों में सिंचाई रोक दें और जल निकासी का प्रबंध रखें।

पिछले 24 घंटों का हाल
बता दें कि बीते 24 घंटों में भी राजस्थान के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। जयपुर के सांभर इलाके में सबसे ज्यादा 34mm बारिश हुई है, जबकि श्रीगंगानगर के करनपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ दिखा।

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