यूपीआईटीएस 2025
ग्रेटर नोएडा
हॉल खचाखच भरा था… दर्शकों को खादी फैशन शो का बेसब्री से इंतज़ार था। जैसे ही रोशनी जली और संगीत गूंजा, सबकी निगाहें रैंप की ओर टिकी रह गईं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के तीसरे दिन आयोजित “री-स्पन: द खादी एडिट” ने उत्तर प्रदेश की कपड़ा विरासत को आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रदेश के एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन, वस्त्र एवं हथकरघा मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे।
हौट कॉउचर में खादी की विरासत
“री-स्पन: द खादी एडिट” ने खादी को पारंपरिक परिधान से निकालकर आधुनिक फैशन की धुरी के रूप में पेश किया। रैंप पर मॉडल्स ने खादी की विविधता को हौट कॉउचर (Haute Couture) अंदाज़ में प्रदर्शित किया। कहीं चिकनकारी और रेशमी बुनावट को इंडो-वेस्टर्न लुक में ढाला गया तो कहीं खादी को ऑफिस वियर, कैज़ुअल्स और पार्टी वियर की शक्ल में प्रस्तुत किया गया।
कारीगरों को मिला वैश्विक मंच
शो का उद्देश्य केवल फैशन का प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि यह स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के कौशल को दुनिया तक पहुँचाने का जरिया भी बना। विदेशी बायर्स, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और फैशन डिज़ाइनरों ने खादी की संभावनाओं पर गहरी रुचि दिखाई। खादी की आधुनिक प्रस्तुति ने इसे सस्टेनेबल फैशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्थापित किया।
खादी के जादू ने छोड़ी अमिट छाप
करीब दो घंटे तक चले “री-स्पन: द खादी एडिट” का समापन तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हुआ। रोशनी, संगीत और खादी के अनूठे डिज़ाइनों से सजा यह मंच दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। शो ने यह संदेश स्पष्ट किया कि खादी केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के फैशन का भी मजबूत आधार है।
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