भोपाल
मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलने वाले अवकाश की व्यवस्था में जल्द बड़ा बदलाव होने वाला है। राज्य सरकार ने इसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। यह समिति सरकारी विभागों, निगम-मंडलों और अन्य संस्थाओं में वर्तमान में लागू सार्वजनिक, सामान्य और ऐच्छिक अवकाशों का विस्तार से अध्ययन करेगी। अध्ययन के बाद समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी और उसी के आधार पर भविष्य में अवकाश की नई सूची तय की जाएगी। सरकार का मानना है कि समय के साथ कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियों की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा जरूरी हो गई है ताकि इसे व्यावहारिक और संतुलित बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने दिए थे संकेत
करीब एक माह पहले गणेश चतुर्थी से पहले आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि प्रदेश में कर्मचारियों को दिए जाने वाले सभी प्रकार के अवकाशों की नई समीक्षा की जाएं।
तीनों कैटेगरी का फिर से निर्धारण
इसमें सामान्य अवकाश, अर्जित अवकाश और ऐच्छिक अवकाश तीनों कैटेगरी को शामिल किया जाएं। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से त्यौहारों के दिनों की छुट्टियों पर भी विचार किया जाए। उसी बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि गणेश चतुर्थी को प्रदेश में सामान्य अवकाश घोषित किया जाए।
समिति का किया गया गठन
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति का काम है कि वह प्रदेश में छुट्टियों की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करें और अपनी सिफारिशें सरकार को दें।
इस बार अन्य विभाग भी शामिल
पहले यह जिम्मेदारी केवल सामान्य प्रशासन विभाग पर ही होती थी, लेकिन इस बार सरकार ने फैसला किया है कि अन्य अहम विभागों को भी इसमें शामिल किया जाए ताकि अवकाश की सूची पर एक संतुलित और सर्वसम्मत राय सामने आ सके।
धार्मिक आधार पर भी होगी समीक्षा
नई समिति यह भी देखेगी कि अलग-अलग वर्गों और धर्मों से जुड़े त्योहारों को ध्यान में रखकर अवकाश किस प्रकार तय किए जाएं। माना जा रहा है कि दीपावली, नवरात्र, ईद और क्रिसमस जैसे बड़े त्यौहारों पर सामान्य अवकाश बनाए रखने के साथ-साथ अन्य त्यौहारों की भी समीक्षा की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी समुदाय या वर्ग के साथ पक्षपात न हो और सभी को बराबरी से अवसर मिले।
कौन हैं समिति में शामिल अधिकारी
गठित समिति में चार विभागों के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसमें समिति के समन्वयक की जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव को दी गई है। यह जिम्मेदारी इस समय संजय कुमार शुक्ल निभा रहे हैं। इसके अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी और राजस्व विभाग से प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल को समिति का सदस्य बनाया गया है।
पहले सामान्य प्रशासन विभाग की थी जिम्मेदारी
अब तक अवकाशों की घोषणा और समीक्षा का काम केवल सामान्य प्रशासन विभाग तक सीमित रहता था। वहीं इस बार सरकार ने निर्णय लिया है कि इस प्रक्रिया में अन्य महत्वपूर्ण विभागों की भागीदारी भी होगी। इससे निर्णय अधिक व्यापक और पारदर्शी हो सकेगा। साथ ही अवकाशों की सूची तय करने में सभी पहलुओं पर संतुलित विचार किया जा सकेगा।
नहीं रहेगी जरुरत से ज्यादा छुट्टियां
राज्य सरकार चाहती है कि कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियां न तो जरूरत से ज्यादा हों और न ही इतनी कम कि त्यौहारों और व्यक्तिगत अवसरों पर उन्हें परेशानी हो। संतुलित व्यवस्था से न केवल कर्मचारी संतुष्ट होंगे बल्कि विभागों की कार्यक्षमता भी प्रभावित नहीं होगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार इस पर अंतिम निर्णय लेगी और संभावना है कि आने वाले समय में प्रदेश के कर्मचारियों को एक नई अवकाश नीति देखने को मिलेगी।
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