कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड का बड़बोलापन: भारत को करना होगा सुधार, ट्रंप की शर्तों का किया जिक्र

दुनिया

न्यूयॉर्क

अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हावर्ड ल्यूटनिक (Howard Lutnick) ने कहा है कि अमेरिका को भारत और ब्राजील जैसे देशों को 'दुरुस्त' करना होगा. उन्होंने यह बात टैरिफ विवाद के बीच अमेरिकी चैनल को दिए एक इंटरव्यू साक्षात्कार में कही है. अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया है, जिसमें नई दिल्ली की रूसी तेल खरीद पर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क शामिल है. 

ल्यूटनिक ने कहा कि इन देशों को अपने बाजार खोलकर और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई रोककर सही जवाब देना होगा. भारत अपनी ऊर्जा खरीद को राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित बताता रहा है. 

ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया है. यह टैरिफ दरों में सबसे ज्यादा है, जो किसी भी देश पर लगाया गया है. इस टैरिफ में रूसी तेल की खरीद पर लगाया गया 25 फीसदी का शुल्क भी शामिल है. भारत, यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पश्चिमी देशों द्वारा प्रतिबंध लगाने पर रियायती रूसी तेल खरीद रहा है. भारत का मानना है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता पर आधारित है.

'अमेरिका के साथ सहयोग करना होगा…'

ल्यूटनिक ने कहा, "भारत, ब्राजील, स्विट्जरलैंड, और ताइवान जैसे कई देशों को 'दुरुस्त करने' की जरूरत है, क्योंकि इनके साथ अमेरिका के व्यापारिक मुद्दे अनसुलझे हैं." 

उन्होंने आगे कहा कि इन देशों को यह समझना होगा कि अगर वे अमेरिकी उपभोक्ताओं को कुछ बेचना चाहते हैं, तो उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ सहयोग करना होगा. वक्त के साथ इन व्यापार मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा.

व्यापार समझौते पर गतिरोध…

अमेरिका लगातार चौथे साल (2024-25) भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना रहा है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 131.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है. अमेरिका भारत के कुल वस्तु निर्यात में करीब 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 फीसदी और कुल व्यापार में 10.73 फीसदी का योगदान देता है. दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $191 बिलियन से $500 बिलियन तक दोगुना करने की उम्मीद कर रहे हैं.

समझौते की तारीख पर संशय

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक डेलिगेशन पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में अमेरिकी पक्ष के साथ बैठकें कर रहा था. दोनों देशों को उम्मीद थी कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते की पहली किस्त अक्टूबर-नवंबर 2025 तक पूरी हो जाएगी. अमेरिकी अधिकारियों की एक टीम ने भी समझौते पर चर्चा के लिए 16 सितंबर को भारत का दौरा किया था और कोशिशों को तेज करने का फैसला किया था.

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry