इंदौर
इंदौर में बेतरतीब यातायात और जवानों द्वारा चालानी कार्रवाई और अवैध वसूली की खबरें तो आए दिन सामने आती ही हैं, लेकिन कुछ यातायात जवान ऐसे भी हैं जो अपना मूल कर्त्तव्य तो निभाते ही हैं, साथ ही समय-समय पर मानवीयता का परिचय देने से भी नहीं चूकते… ऐसा ही एक मामला नवलखा चौराहे का सामने आया, जब यातायात आरक्षक 1622 सुरेन्द्रसिंह गुर्जर बीच सड़क पर खड़ी एक लोडिंग रिक्शा को हटवाने के लिए चालक के पास पहुंचे… जब उसे वाहन रास्ते में से हटाने को कहा तो विजय नगर चालक ने गुर्जर से कहा – ''सर मुझे बचा लीजिए, मैंने जहर खा लिया है…'' इस पर आरक्षक ने तुरंत सब इंस्पेक्टर संत बहादुर सहित महिला आरक्षक ज्योति, भूली रडार, आरक्षक शैलेन्द्र त्यागी को ना सिर्फ इसकी जानकारी दी, बल्कि एक वैन को रूकवाते हुए उसे तुरंत एमवायएच तक भी ले गए और उसका तुरंत इलाज शुरू करवाया… बताया जाता है कि लोडिंग चालक का उसकी पत्नी से विवाद चल रहा है, जिस वजह से उसने यह कदम उठाया… लेकिन यातायात आरक्षक सुरेन्द्रसिंह गुर्जर और उनकी टीम की तत्परता से ऑटो चालक बच गया और उसका इलाज एमवाय अस्पताल में जारी है तथा उसका मोबाइल संयोगितागंज थाने में जमा है और पुलिस मामले की जांच में भी जुटी है..!
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