राज्यपाल और आप सरकार आमने-सामने: SDRF पर disagreement ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

राज्य

चंडीगढ़ 
पंजाब में बाढ़ राहत और मुआवजे को लेकर केंद्र और आम आदमी पार्टी सरकार के बीच जारी तनातनी और तेज हो गई है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने साफ कहा है कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के मानक पूरे देश के लिए समान हैं और इन्हें किसी एक राज्य की मांग पर बदला नहीं जा सकता।

कटारिया ने स्पष्ट किया कि नियमों में बदलाव केवल सामूहिक स्तर पर लिए गए फैसले से ही संभव है। उन्होंने यह भी दोहराया कि पंजाब सरकार के पास राहत और मुआवजे के लिए एसडीआरएफ में 12,000 करोड़ रुपये पहले से उपलब्ध हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब सरकार ने बीते चार दशकों की सबसे विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों को अधिक मुआवजा देने के लिए एसडीआरएफ मानकों में संशोधन की मांग की थी। राज्य सरकार का दावा है कि उसके पास केवल 6,000 करोड़ रुपये ही उपलब्ध हैं, जबकि केंद्र लगातार 12,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पेश कर रहा है।

इसी सप्ताह मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर 20,000 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत पैकेज की मांग रखी थी। उन्होंने बताया था कि राज्य को 13,800 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। शाह ने भी उसी समय कहा था कि पंजाब के पास एसडीआरएफ में पर्याप्त राशि मौजूद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल आंकड़ों का नहीं बल्कि राजनीतिक खींचतान का भी हिस्सा है। केंद्र का कहना है कि राज्य के पास पर्याप्त फंड हैं, जबकि राज्य सरकार उच्च मुआवजे की दर और अतिरिक्त मदद के लिए दबाव बना रही है।

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