रांची
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़ा मामला 4 अक्टूबर को तय समय पर नहीं सुना जा सका।
भाजपा नेता अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के संबंध में चल रहे इस केस में राहुल गांधी ने अपनी निजी उपस्थिति से छूट की मांग की है। यह आवेदन उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 205 के तहत अदालत में दाखिल किया था। अदालत को इस आवेदन पर 4 अक्टूबर को फैसला सुनाया था, लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर रहने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। अब मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें 22 सितंबर को पूरी हो चुकी थीं और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। 4 अक्टूबर को फैसले की उम्मीद थी, लेकिन न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत व्यस्त रहते हैं और हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना उनके लिए संभव नहीं होगा। इसलिए, यह आवेदन उनकी व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए दायर किया गया है ताकि राजनीतिक और संसदीय कर्तव्यों में बाधा न आए। अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को तय हुई है जिसमें इस आवेदन पर निर्णय दिए जाने की संभावना है।
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