लुधियाना
इन दिनों त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। त्योहार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बाजारों में मिलावटी मिठाई सेहत को खराब भी कर सकती है। त्योहारी सीजन में मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत बिगाड़ने से नहीं बाज नहीं आते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। हालांकि मिलावटखोरी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट हो गई हैं।
पंजाब के लुधियाना में नकली पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। सेहत विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने त्योहारी दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की है। सीआईए जगरांव की टीम के साथ मिलकर सेहत विभाग की टीम ने गांव रामगढ़ भुल्लर के पास सिधवां बेट रोड पर नाकेबंदी की। वाहनों की जांच के दौरान एक टेंपो से 189 किलो पनीर बरामद किया। यह पनीर हरियाणा के नरवाणा से 210 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया था और जगरांव से नकोदर तक फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई किया जाना था।
फूड सेफ्टी विंग ने पनीर के सैंपल भरकर गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में भेज दिए और शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई जिसके तहत डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण और परिवहन के दौरान स्वच्छता, तापमान नियंत्रण व गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पनीर की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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