बिहार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड स्तर पर तैनात हुए अधिकारी, 8.5 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगी

राज्य

नई दिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव और छह राज्यों के आठ विधानसभा क्षेत्रों और जम्मू-कश्मीर के लिए उपचुनावों की घोषणा के बाद, इन चुनावों को सुचारू रूप से कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। चुनाव आयोग ने गुरुवार को बताया कि बिहार में चुनाव के विभिन्न चरणों की सुचारू और व्यवस्थित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 8.5 लाख चुनाव अधिकारियों को तैनात किया गया है। आयोग ने कहा कि तैनात किए जाने वाले कर्मियों में लगभग 4.53 लाख मतदान कर्मी, 2.5 लाख पुलिस अधिकारी, 28,370 मतगणना कर्मी, 17,875 माइक्रो ऑब्जर्वर, 9,625 सेक्टर अधिकारी, मतगणना के लिए 4,840 माइक्रो ऑब्जर्वर और 90,712 आंगनवाड़ी सेविकाएं भी तैनात की जा सकती हैं।

90,712 बीएलओ और 243 ईआरओ सहित चुनाव मशीनरी मतदाताओं के लिए फोन कॉल पर और ईसीआईनेट ऐप पर बुक-ए-कॉल टू बीएलओ सुविधा के माध्यम से उपलब्ध है। आयोग ने प्रेस बयान में कहा कि डीईओ/आरओ स्तर पर कोई भी शिकायत/प्रश्न दर्ज करने के लिए कॉल सेंटर नंबर +91 (एसटीडी कोड) 1950 भी उपलब्ध है। चुनाव आयोग ने आगे कहा कि तैनात सभी कार्मिकों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 28ए के प्रावधानों के अनुसार चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा।

चुनाव आयोग ने बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए एक-एक जनरल ऑब्जर्वर नियुक्त किया है, जो आयोग के लिए निगरानी का काम करेंगे। इसके अलावा, 38 पुलिस ऑब्जर्वर और 67 खर्च ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं। ऑब्जर्वर अपने-अपने क्षेत्रों में रहेंगे और राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों से नियमित रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।

बुधवार को चुनाव आयोग ने घोषणा की कि बिहार विधानसभा चुनाव में 85 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांगजन और सेवा मतदाता अपने वोट डाक मतपत्र (पोस्टल बैलट) के जरिए डाल सकेंगे। चुनाव आयोग के एक प्रेस नोट के अनुसार, यह सुविधा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत प्रदान की जाएगी।

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