रायपुर
शहर में मौजूद किसी भी मंदिर से अब संपत्तिकर (Property Tax) नहीं वसूला जाएगा। रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम द्वारा किसी भी जोन या वार्ड के मंदिर को संपत्तिकर वसूली का नोटिस नहीं भेजा जाएगा। यह निर्णय नगर निगम की नियमावली के तहत लिया गया है।
हाल ही में जोन-4 के ब्राह्मणपारा वार्ड स्थित सोहागा मंदिर को नगर निगम राजस्व विभाग की ओर से संपत्तिकर का नोटिस जारी किया गया था। इस घटना पर महापौर मीनल चौबे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों सुशांत और अमर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
महापौर ने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जोन आयुक्तों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में मंदिरों को संपत्तिकर वसूली का नोटिस न दिया जाए।
मीनल चौबे ने कहा, 'इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही, हीला-हवाला या नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा कि मंदिरों के सम्मान और नियमों के पालन में कोई चूक न हो।'
बताया जा रहा है कि रायपुर शहर में वर्तमान में लगभग 450 मंदिर स्थित हैं, जिन पर यह निर्णय लागू रहेगा।
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