बरेली मामले के आरोपी मौलाना तौकीर रजा की लोन वसूली प्रक्रिया शुरू

उत्तर प्रदेश राज्य

बदायूं 

बरेली हिंसा के आरोपी मौलाना तौकीर रजा को लेकर एक और मामला सामने आया है. ये मामला करीब 30 साल पुराने कर्ज का है. यूपी के बदायूं जिले की एक सहकारी समिति ने दावा किया है कि मौलाना रजा ने साल 1997 से पहले खाद खरीदने के लिए लोन लिया था, जिसकी रकम अब ब्याज समेत बढ़कर 28 हजार रुपये हो गई है. मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बकाया वसूली की तैयारी शुरू कर दी है.

एजेंसी के अनुसार, बरेली में 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया था. अब बदायूं से उसके खिलाफ तीन दशक पुराना बकाया कर्ज निकलकर सामने आया है.

बदायूं के रसूलपुर पुठी गांव स्थित साधन सहकारी समिति के सचिव हृदयेश कुमार सिंह ने बताया कि समिति की बकायेदारों की सूची की समीक्षा के दौरान उन्हें ‘तौकीर रजा’ नाम मिला. जब उन्होंने और जांच की, तो पता चला कि यह वही मौलाना तौकीर रजा है, जो बरेली हिंसा के मामले में जेल में बंद है.

हृदयेश सिंह ने बताया कि रजा ने 1997 से पहले खाद खरीदने के लिए समिति से 5,055 रुपये का कर्ज लिया था. उस समय कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन मौलाना ने कभी यह रकम वापस नहीं की. समय के साथ ब्याज बढ़ता गया, और अब यह रकम 28,346 रुपये हो चुकी है.

तीन दशक पुरानी फाइल से निकला नाम

हृदयेश सिंह कहते हैं कि जब हमने पुराने रिकॉर्ड खंगाले, तो इस नाम पर नजर पड़ी. जब ब्योरा देखा तो साफ हो गया कि यह वही तौकीर रजा है. गांव के लोग भी यह बात कन्फर्म कर चुके हैं कि तौकीर रजा पहले यहां रहता था, अब जमीन बेचकर कहीं और चला गया.

समिति ने अब पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है. बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने कहा कि उन्हें यह रिपोर्ट मिली है. सहकारिता विभाग के सहायक रजिस्ट्रार मुन्‍नालाल मिश्रा ने बताया कि रजा को जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा और बकाया वसूली की कार्रवाई की जाएगी.

मौलाना रजा और बरेली हिंसा

बीते 26 सितंबर को बरेली में उस समय तनाव फैल गया था, जब पोस्टर मामले में दर्ज एफआईआर के विरोध में लोग प्रदर्शन करने लगे थे. शुक्रवार की नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें 125 नामजद और 3,000 से अधिक अज्ञात आरोपी शामिल हैं. इस हिंसा के सिलसिले में मौलाना तौकीर रजा सहित 88 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

डीएम अवनीश राय ने कहा कि अगर कोई सरकारी बकाया है तो उसकी वसूली नियमों के अनुसार होगी. यह व्यक्ति चाहे कोई भी क्यों न हो. दूसरी तरफ, सहकारी समिति के अधिकारी कहते हैं कि उन्होंने केवल पुरानी देनदारी का हिसाब निकाला है, और किसी तरह की राजनीतिक मंशा इसमें शामिल नहीं है.

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