उपमुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश – नल-जल योजनाएं समय से पूर्ण हों, संचालन और संधारण में न हो लापरवाही

मध्य प्रदेश राज्य

नल-जल योजनाओं को समयावधि में पूर्ण करें, क्रियान्वित योजनाओं का विधिवत संचालन एवं संधारण करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल

रीवा जिले की नल-जल योजनाओं की वृहद समीक्षा की

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय, भोपाल में रीवा ज़िले की नल-जल प्रदाय योजनाओं की वृहद समीक्षा की। उन्होंने निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने तथा क्रियान्वित योजनाओं के विधिवत संचालन एवं संधारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री पी. नरहरि, एमडी मध्यप्रदेश जल निगम श्री के. वी.एस. चौधरी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कदैला समूह जल प्रदाय योजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने टमस एवं बाणसागर समूह जल प्रदाय योजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी और निर्देश दिए कि इनटेक वेल, डब्ल्यूटीपी, एमबीआर तथा जेडएमबीआर से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वच्छ जल का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है। सुरक्षित और प्रदूषण रहित जल से जलजनित रोगों, जैसे पेचिश, हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से निर्देश दिए कि जल शुद्धिकरण प्रक्रियाओं और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि हर ग्रामवासी को स्वास्थ्य लाभ हो और स्वच्छ जल उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि "योजनाएं केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि इनका दीर्घकालीन संचालन एवं रखरखाव ग्राम पंचायतों की भागीदारी से सतत् रूप से चलता रहे, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भारत सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के लिए प्रावधानित राशि का उपयोग आरईएस के एसओआर दर का प्रावधान न होने के कारण रुका हुआ था। इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर योजनाओं के प्राक्कलन एवं क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय बाधा न रहे। साथ ही, ग्राम पंचायत की निधि से पंपमैन एवं वाल्वमैन के मानदेय का प्रावधान करने पर भी सहमति बनी। यह व्यवस्था जल प्रदाय योजनाओं के निरंतर संचालन और रखरखाव को स्थायित्व प्रदान करेगी। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अधिसूचना अनुसार संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत एकल जल प्रदाय योजना एवं समूह जल प्रदाय योजना के संचालन और संधारण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने कहा कि सीईओ जनपद स्तर पर इस दायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यक समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के अनुमोदन का कार्य सीईओ जनपद द्वारा प्राथमिकता से किया जाए।

 

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