पटना
बिहार विधानसभा चुनाव के सबसे चर्चित इलाकों में से एक काराकाट सीट पर आखिरकार सियासी सस्पेंस खत्म हो गया है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने बुधवार को इस सीट से महाबली सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया और इसके साथ ही भोजपुरी स्टार पवन सिंह और उनके समर्थकों की उम्मीदों पर विराम लग गया।
एनडीए के भीतर चली लंबी रस्साकशी
पिछले कई दिनों से चर्चा थी कि एनडीए पवन सिंह की मां को काराकाट से उतार सकता है। बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट को लेकर तगड़ी खींचतान चल रही थी। लेकिन अंत में सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय हुआ और काराकाट जेडीयू के खाते में चली गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भरोसा दिखाते हुए महाबली सिंह को मैदान में उतारने का फैसला किया।
पवन सिंह एंड फैमिली बनी थी चर्चा
हालांकि पवन सिंह पहले ही साफ कर चुके थे कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, मगर उनके परिवार की हलचल ने काराकाट को बिहार की सबसे हॉट सीट बना दिया था। हाल ही में उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने टिकट बंटवारे को लेकर खुलेआम नाराजगी जताई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से भी मुलाकात की थी, जिससे ये अटकलें तेज हो गई थीं कि वो शायद बागी उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर सकती हैं।
नीतीश का दांव पर बीजेपी की खामोशी
महाबली सिंह की उम्मीदवारी के साथ नीतीश कुमार ने एक तरह से बीजेपी पर दबाव बना दिया है। कहा जा रहा था कि बीजेपी अब इस सीट पर अलग रणनीति बनाने में जुटी है, जबकि एनडीए के भीतर भी जेडीयू की चालाकी की चर्चा जोरों पर है।
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