चारागाहों से अतिक्रमण हटाने और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर दिलावर का जोर

राज्य

जयपुर
 पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता में सोमवार को पंचायती राज विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में विभागीय कार्यों एवं विकास गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी मौजूद रहे। बैठक में जनसुनवाई एवं ग्राम सभा के सुदृढ़ीकरण, एक गांव-एक चारागाह विकास गतिविधि, प्राकृतिक जल स्रोतों एवं चारागाहों से अतिक्रमण हटाने के आदेशों के क्रियान्वयन, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास एवं गौमाता आश्रय स्थल, पौधारोपण सहित विभाग के अन्य प्रगतिरत विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जनसुनवाई में धरातल पर हो समस्या का समाधान
मंत्री  दिलावर ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरण और उनका किस प्रकार समाधान किया जाता है, इसकी प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। केवल पत्र लिख देना ही प्रकरण का निस्तारण नहीं माना जाएगा, बल्कि समस्या का धरातल पर समाधान होना चाहिए। जिला परिषद के सीईओ एवं बीडिओ भी ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित जनसुनवाई में उपस्थित होकर व्यवस्थाओं एवं प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा करें। जनसुनवाई में जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यवाही के बाद निष्कर्ष दर्ज किया जाए तथा उसके नीचे हस्ताक्षर भी सुनिश्चित किए जाएं। निर्धारित समय पर जनसुनवाई आयोजित करने, प्राप्त प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा अनुपस्थित रहने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जिन प्रकरणों का समाधान संभव है, वे अनावश्यक रूप से उच्च स्तर तक नहीं आने चाहिए। प्रत्येक माह के प्रथम गुरुवार को ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की जाती है। उन्होंने जनसुनवाई की जानकारी आमजन तक समय पर पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप, एसएमएस, अन्य संचार माध्यमों एवं व्यक्तिगत सूचना का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत के सदस्य भी ग्राम सभा एवं जनसुनवाई में उपस्थित रहें। ग्राम सभा अथवा विशेष ग्राम सभा सहित सभी बैठकों में राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों एवं आदेशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए।

एक गांव-एक चारागाह के तहत भूमि विकास पर जोर
मंत्री दिलावर ने एक गांव-एक चारागाह के तहत चारागाह भूमि को चिन्हित करने, अतिक्रमण हटाने, पौधारोपण करने तथा चारागाह भूमि पर आवश्यक विकास कार्य करवाने के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारागाह भूमि पर किसी भी दबंग अथवा प्रभावशाली व्यक्ति का अतिक्रमण नहीं रहना चाहिए। चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसका समुचित विकास किया जाए। उन्होंने गरीब एवं असहाय परिवारों को आवश्यक सहयोग एवं स्थायित्व प्रदान करने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने चारागाह विकास के लिए स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जो कार्य लंबित हैं, उनका समयबद्ध रूप से निस्तारण किया जाए तथा स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।

 दिलावर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह विकास एवं गौमाता आश्रय स्थल से संबंधित कार्यों की जानकारी समय पर उपलब्ध करवाने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को प्राथमिकता देते हुए इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण किया जाए।

प्राकृतिक जल स्रोतों की सफाई एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश
बैठक में प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। श्री दिलावर ने बावड़ियों, तालाबों एवं अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों की साफ-सफाई, मरम्मत एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बावड़ियों एवं तालाबों की अंदरूनी सफाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन प्रभावी रूप से हो सके।

अन्य विभागों के साथ समन्वय से विकास कार्यों को गति देने के निर्देश
 दिलावर ने पंचायती राज विभाग के प्रगतिरत विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। आवश्यकता के अनुसार अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने भर्ती प्रकरणों की जांच कार्यवाही, स्थानांतरित कार्मिकों एवं अधिकारियों की शीघ्र जॉइनिंग सहित अन्य लंबित प्रकरणों में भी नियमानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

मंत्रीदिलावर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान एवं मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पौधों के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए।

 

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