वाशिंगटन
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर नए प्रतिबंध लगाना "उचित और आवश्यक" था। यह कदम रूस-यूक्रेन शांति समझौते पर हो रही धीमी प्रगति के प्रति अमेरिका की निराशा को दर्शाता है। लेविट ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हमेशा कहते रहे हैं कि जब उन्हें उचित और आवश्यक लगेगा, तब वे रूस पर प्रतिबंध लगाएंगे। कल वही दिन था। राष्ट्रपति लंबे समय से पुतिन और इस युद्ध के दोनों पक्षों के प्रति अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि शांति वार्ता तभी सफल हो सकती है जब दोनों पक्ष उसमें वास्तविक रुचि और कार्रवाई दिखाएँ। हालांकि ट्रम्प और पुतिन के बीच संभावित बैठक "पूरी तरह असंभव नहीं" है, लेकिन व्हाइट हाउस चाहता है कि इस बैठक का कोई ठोस सकारात्मक परिणाम निकलें और राष्ट्रपति का समय सही दिशा में इस्तेमाल हो। लेविट ने बताया कि ये नए प्रतिबंध "काफी कठोर" हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत और चीन ने रूस से तेल की खरीद कम कर दी है। इसके अलावा, अमेरिका ने यूरोपीय सहयोगियों पर भी रूस का तेल न खरीदने का दबाव डाला है। लेविट ने कहा, "ये प्रतिबंध निश्चित रूप से रूस के लिए नुकसानदेह होंगे।"
मास्को ने इन प्रतिबंधों को "अमित्र कदम" करार दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ये प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था पर बहुत कम प्रभाव डालेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका बार-बार दबाव बनाने के लिए प्रतिबंधों का इस्तेमाल कर रहा है और इसे नाकाम किया जाएगा। पुतिन ने यह भी कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश दबाव में आकर काम नहीं करता। लेविट ने जोर दिया कि राष्ट्रपति ट्रम्प सिर्फ़ बातचीत नहीं, बल्कि कार्रवाई और ठोस परिणाम चाहते हैं। उन्होंने अमेरिकी मध्य पूर्व शांति समझौते की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रपति चाहते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध भी जल्द समाप्त हो।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
