इंदौर
केंद्र सरकार अगले शिक्षा सत्र में प्रवेश को लेकर कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) जल्द करवाने जा रही है। डेढ़ से दो महीने पहले सीयूटी यूजी-पीजी होगी। इस संबंध में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में गुरुवार को बैठक रखी गई है। जहां कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने कोर्स मैपिंग और सीट संख्या का डेटा जल्द तैयार करने पर जोर दिया है।
कुलगुरु ने कम प्रवेश होने वाले कोर्स को प्रवेश परीक्षा से अलग करने के निर्देश दिए हैं। कुछ विभागाध्यक्षों ने दोबारा पुरानी प्रवेश प्रक्रिया अपनाने की बात कहीं। उनका तर्क है कि सीयूटी होने के बाद एनटीए से डेटा मिलने में काफी समय लगता है। इससे काउंसिलिंग करवाने में समय पर शुरू नहीं होती है। सैकड़ों मेधावी विद्यार्थी अन्य संस्थानों में प्रवेश ले लेते हैं।
तीन हजार सीटों के लिए होगा प्रवेश
तक्षशिला परिसर में दोपहर तीन बजे आईएमएस, आईआईपीएस, कॉमर्स, ईएमआरसी, इकोनामिक्स, आईईटी सहित कई विभागाध्यक्ष पहुंचे। सीयूईटी मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। इसे लेकर कुलगुरु ने सभी विभागाध्यक्षों को अपनी तैयारी दिसंबर तक पूरी करने को कहा गया। यूजी-पीजी मिलकर 46 कोर्स की तीन हजार सीटों पर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है।
10 प्रतिशत सीट बढ़ाने की इच्छा
कुलगुरु ने नए कोर्स जोड़ने के साथ ही सीट बढ़ाने के बारे में भी चर्चा की। कुछ विभागाध्यक्षों ने 10 प्रतिशत सीट वृद्धि की इच्छा जताई है। अब विभागाध्यक्षों को दस दिनों के भीतर प्रस्ताव बनाने को कहा है। यहां तक कि जिन पाठ्यक्रमों में कम प्रवेश हुए हैं, उनकी सूची बनाई जाएगी। उसके बाद विश्वविद्यालय किन-किन कोर्स को हटाना है, उसके बारे में फैसला लेंगी।
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