जयपुर
राजस्थान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) के तहत गणना प्रपत्र वितरण का आंकड़ा 9वें दिन 4.25 करोड़ के पार पहुंच गया है। अब तक राज्य के 78% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंच चुके हैं, जिससे अभियान ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ जिले 90% से अधिक वितरण के साथ लगातार शीर्ष पर हैं, जबकि झुंझुनूं जिला 66.2% के साथ सबसे पीछे है। राज्य में अब केवल पांच जिले – झुंझुनूं, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा और डीडवाना-कुचामन में वितरण प्रतिशत 70% से कम है।विधानसभा क्षेत्रों में झालरापाटन (99.4%) और डग (97.3%) सबसे आगे हैं, जबकि भरतपुर (49.2%) और सादुलशहर (52.5%) सबसे पीछे हैं।
डिजिटाइजेशन में तेजी, 11.30 लाख फॉर्म ईसीआईनेट पर दर्ज
महाजन ने बताया कि अब तक 11.30 लाख गणना फॉर्म ईसीआईनेट पर डिजिटाइज किए जा चुके हैं। डिजिटाइजेशन की गति में बाड़मेर, भरतपुर और झालावाड़ आगे हैं, जबकि बीकानेर, चुरू और टोंक में प्रगति धीमी है। विधानसभा क्षेत्रों में बाड़मेर शीर्ष पर और दातारामगढ़ सबसे पीछे है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटाइजेशन की गति बढ़ाई जाए और बीएलओ को तकनीकी सहायता प्रदान की जाए।
ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा
महाजन ने मतदाताओं से अपील की कि वे https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन गणना फॉर्म भरें। ऑनलाइन भरे गए फॉर्म सीधे संबंधित बीएलओ तक पहुंच जाते हैं, इसलिए मैनुअल फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होती। 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक चल रहे इस अभियान में बीएलओ मतदाताओं के घर जाकर नाम, पता, आयु आदि विवरणों का सत्यापन कर रहे हैं। महाजन ने कहा कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से सही और अद्यतन जानकारी प्रदान करने की अपील की।
एक नजर में
कुल गणना प्रपत्र वितरण: 4.25 करोड़
कवर किए गए मतदाता: 78%
अग्रणी जिला: झालावाड़ (95.15%)
सबसे पिछड़ा जिला: झुंझुनूं (66.26%)
शीर्ष विधानसभा क्षेत्र: झालरापाटन (99.4%)
डिजिटाइज्ड फॉर्म: 11.30 लाख+
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