रीवा
रीवा जिले के पनवार थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कल्याणपुर स्थित हरिजनपुरवा में वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। वनरक्षक अंशुमान साकेत को कमरे में बंद कर बंधक बनाया गया और उनके मोबाइल में दर्ज वीडियो और फोटो जबरन डिलीट कराए गए। वन विभाग की टीम जंगली सूअर के अवैध शिकार को रोकने गई थी। वनरक्षक अभिभावन चौबे के अनुसार, जंगली सूअर के अवैध शिकार के आरोपी रमाकांत कोल को पकड़कर पूछताछ की जा रही थी। तभी पांच से अधिक ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वनकर्मियों से भिड़ गए। देखते ही देखते भीड़ आक्रामक हो गई और धक्का-मुक्की, मारपीट शुरू हो गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम घरों में घुसकर महिलाओं से बहसबाज़ी कर रही थी और गाली-गलौज कर रही थी। वे यह भी कह रहे हैं कि “असल शिकारी तो बच निकले, लेकिन आदिवासी परिवारों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और गांव के दबंग हमें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।”
वनरक्षक अंशुमान साकेत ने कुछ वीडियो बनाएं थे, जिसके कारण ही उन्हें बंधक बनाया गया। स्थिति बिगड़ने पर पनवार पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आने के बाद भीड़ भाग गई और कमरे में बंद वनरक्षक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना में वनरक्षक हरीशंकर पाल भी घायल हुए हैं।
वन विभाग ने आरोपी रमाकांत कोल के खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। थाना प्रभारी पनवार, प्रवीण उपाध्याय ने बताया कि मामले में वन अमले पर हमला, बंधक बनाने और मारपीट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
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