कन्हैया भेलारी का चौंकाने वाला दावा: ‘समलैंगिक विवाह से आते हैं भूकंप’, रोहिणी के बयान का भी ज़िक्र

राज्य

पटना 
बेटियों को मायके से दूर रहना चाहिए जैसा बयान देने पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या से भर पेट बात सुनने वाले बिहार के पत्रकार कन्हैया भेलारी का एक नया वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में उनकी पौराणिक सोच का स्तर और नीचे गिरते देखा जा सकता है। यू-ट्यूब चैनल लल्लटॉप के शो में कन्हैया भेलारी यह कहकर सबको चौंका दे रहे हैं कि लड़का का लड़का और लड़की का लड़की से शादी (सेम सेक्स मैरिज, गे मैरिज, लेस्बियन मैरिज, समलैंगिक संबंध) करने के कारण भूंकप आ रहे हैं। चैनल का पत्रकार जब उनको भूकंप के वैज्ञानिक कारण बताता है तो वो और जिद पकड़ लेते हैं और कहते हैं कि एडवांस होने का मतलब ये सब नहीं है।
 
कन्हैया भेलारी को रोहिणी आचार्या ने टीवी चैनलों पर उनके बयानों को लेकर 18 नवंबर को फोन करके काफी फटकारा था। भेलारी ने किसी चैनल पर कहा था कि बेटियों को शादी के बाद नैहर यानी मायके से दूर रहना चाहिए। बेटियों को शादी, पर्व त्योहार और न्योता पर ही मां-बाप के घर आना चाहिए। बता दें कि चुनाव नतीजों के अगले दिन लालू यादव के परिवार में रोहिणी आचार्या और तेजस्वी यादव के बीच हार के कारणों को लेकर विवाद हुआ था। रोहिणी ने आरोप लगाया था कि संजय यादव का नाम लेने पर उन्हें गाली दी गई और उन पर चप्पल चलाया गया। रोहिणी तब से दिल्ली होते हुए मुंबई में अपनी सास के पास हैं।

ताजा वायरल बयान में कन्हैया भेलारी महिला का महिला और पुरुष का पुरुष से समलैंगिक संबंध को गलत बताते हुए कह रहे हैं कि इन्हीं कारणों से भूकंप आता है। भेलारी ने कहा है कि आजकल ऐसा हो गया है कि लड़का दूसरे लड़के से शादी कर लेता है और कोई लड़की किसी लड़की से ही शादी कर लेती है। वो इसे ठीक नहीं मानते। जब उनसे कहा गया कि अगर कोई समलैंगिक संबंध से खुश है तो उनको क्या समस्या है। उनके अपने अधिकार हैं जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने रजामंदी दे दी है। इसे अपराध की श्रेणी से बाहर रखा है। इस पर भेलारी ने अजीबोगरीब जवाब दिया। भेलारी ने कहा कि इसीलिए भूकंप आता है। जब चैनल ने भूकंप का वैज्ञानिक कारण बताया तो भेलारी ने कहा- इसका कोई मतलब है जी। एडवांस होने का यह अर्थ नहीं है। हम इसको नहीं मानते।

कन्हैया भेलारी ने एक न्यूज चैनल के डिबेट में कहा था कि ब्याही बेटियों को अपने मायके में कम रहना चाहिए। यहां कुंडली मारकर नहीं बैठना चाहिए। उन्हें किसी खास अवसर पर मायके आना चाहिए और फिर चले जाना चाहिए। बेटियों को पिता परिवार के मसलों में दखल नहीं देना चाहिए। इस पर रोहिणी आचार्या ने उनकी क्लास लगा दी थी और कहा था कि बेटियों के हक में दखल देने का अधिकार आपको किसने दे दिया। रोहिणी ने फोन पर बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था।

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