‘उनकी आत्मा साक्षी है…’ राम राज्य पर मोहन भागवत का बड़ा बयान, किन्हें किया याद?

देश

नई दिल्ली 
राम मंदिर पर धर्मध्वजा को फहराया गया है। 161 फीट की ऊंचाई पर इस केसरिया ध्वज को फहराए जाने के बाद मोहन भागवत ने संबोधित किया। संघ प्रमुख ने कहा कि इसके साथ ही राम मंदिर का निर्माण संपूर्ण हो गया है और इससे उन लोगों की आत्मा को तृप्ति मिली होगी, जिन्होंने इसके लिए संघर्ष किया और अपनी आंखों के सामने सपना साकार होते नहीं देख सके। मोहन भागवत ने कहा कि यह धर्म ध्वज वही है, जो रामराज्य के दौरान लहराया गया था। विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक रहे अशोक सिंहल, महंत रामचंद्र दास परमहंस और विष्णु हरि डालमिया जैसे लोगों का नाम लिया और कहा कि उनकी आत्मा को संतुष्टि मिली होगी।

आरएसएस लीडर ने कहा कि अब हमारा यही संकल्प होना चाहिए कि यह धर्म ध्वजा और ऊंची प्रतिष्ठा हासिल करे। हम ऐसे समाज का निर्माण करें, जिसमें समरसता हो और देश समृद्धि के शिखर पर पहुंचे। हिंदू समाज ने लगातार 500 साल और फिर बाद के लंबे आंदोलन में हमने साबित किया कि निरंतरता रहे तो सब हासिल होता है। यही बात हमें भगवान कृष्ण और सूर्य समझाते हैं। सूर्य हर दिन सतत निकलता है और ढलता है। लेकिन उसकी प्रक्रिया कभी रुकती नहीं। ऐसे ही हिंदू समाज भी नहीं रुका और हम 500 साल बाद इस केसरिया ध्वज को अयोध्या के राम मंदिर में देख रहे हैं।

मोहन भागवत ने कहा कि हमने जैसा सपना देखा था, उससे भी सुंदर यह मंदिर बन गया है। उन्होंने कहा कि दिवंगत पवित्र आत्माओं की कल्पा जैसी थी, उससे भी दिव्य यह मंदिर है। यह ध्वजा है। हम जो दृश्य देख रहे हैं, यह हमारे जन्म की सफलता है और सपनों के साकार होने जैसा है। मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज ने सदियों तक संघर्ष किया और तब यह शुभ अवसर आया है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। धर्म ध्वजा को पीएम मोदी ने फहराया और उसके बाद कार्यक्रम को भी संबोधित किया।

 

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