1 जनवरी से छुट्टी नीति में बड़ा बदलाव, कर्मचारियों के लिए जारी हुआ नया आदेश

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भोपाल 
मध्यप्रदेश के 7 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए वित्त विभाग की तरफ से मध्य प्रदेश सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जो कि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। यानी लगभग 35 दिनों बाद अवकाश व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा।

महिलाओं के अवकाश में होगा बदलाव
महिला कर्मचारियों की चाइल्ड केयर लीव में बड़ा परिवर्तन किया गया है। अभी तक महिलाओं को 2 साल यानी 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव के साथ पूरी सैलरी दी जाती थी। ऐसा नए नियमों में नहीं होगा, नए नियमानुसार 365 दिन 100 प्रतिशत वेतन और अगले 365 दिन सिर्फ 80 फीसदी वेतन दिया जाएगा।

30 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा
नए नियमानुसार, कर्मचारियों को साल में 30 अर्जित अवकाश यानी EL देने का प्रावधान है। इसे 6 महीने 15 और अगले 6 महीने 15 के भाग में बांटा गया है। किसी भी कर्मचारी को एक साथ 5 साल से अधिक का लगातार अवकाश मंजूर नहीं किया जाएगा। अब कर्मचारियों की छुट्टी का अंतिम निर्णय अधिकारी का होगा।
 
1 साल से ज्यादा नहीं मिलेगी स्टडी लीव
अध्ययन के लिए छुट्टियां लेने वाले कर्मचारियों को अवकाश की सुविधा मिलेगी। इसमें कर्मचारियों को एक साल तक की लीव स्टडी दी जाएगी। पूरी सर्विस में अधिकतम 24 महीने की छुट्टी ही मिलेगी। जिसमें कर्मचारी को स्वयं फीस संबंधी खर्चों का वहन करना होगा। साथ ही छुट्टी में जाने से पहले कर्मचारियों बॉन्ड भरना जरूरी होगा, ताकि कर्मचारी समय पर नौकरी पर वापस आ सके।

मेडिकल लीव में होगा बदलाव
नए नियमों में मेडिकल लीव में भी बदलाव किया गया है। इसमें कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट के बावजूद भी अवकाश मिलने की गारंटी नहीं होगी। अंतिम निर्णय स्वीकृत संबंधित अधिकारी पर निर्भर करेगा। पूरे सेवाकाल में 180 दिनों का आधा वेतन बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के मिल सकेगा। यदि कर्मचारी उसी दौरान इस्तीफा देता है अवकाश अर्द्धवेतन अवकाश के समान ही माना जाएगा और अंतर राशि की वसूली की जाएगी। 

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