रांची
जमीन घोटाले में सीएम हेमंत सोरेन को राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें MP-MLA कोर्ट में आने से छूट दी है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद कथित भूमि घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होना होगा। ईढी ने सोरेन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि उन्होंने ईडी द्वारा जारी समन के बावजूद कार्यालय में उपस्थित होने से इनकार कर दिया था।
झारखंड हाईकोर्ट में 3 दिसम्बर 2025 बुधवार को झारखंड मुख्यमंत्री की याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस एके चौधरी की बेंच ने की। ED समन अवहेलना मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर दी।
दरअसल एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने सीएम सोरेन को कथित लैंड स्कैम में शामिल होने के सिलसिले में अथॉरिटी के सामने पेश होने के लिए 10 समन जारी किए गए थे। ED अससिस्टेंट डायरेक्टर देवराज झा ने कहा था कि सोरेन सिर्फ दो समन के जवाब में पेश हुए थे, जबकि बाकी को इग्नोर कर दिया गया था। इसके बाद, ED ने 2024 में MP-MLA कोर्ट के स्पेशल जज के सामने एक कंप्लेंट पिटीशन फाइल की थी। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा फाइल की गई कंप्लेंट पिटीशन की सुनवाई के दौरान, स्पेशल जज ने सोरेन को रांची में MP-MLA कोर्ट के सामने फिज़िकल पेश होने का ऑर्डर दिया था। सोरेन ने निचली अदालत के पेशी आदेश को चुनौती दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
साल 2024 में ईडी ने दायर की थी याचिका
इसके बाद ईडी ने 2024 में एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष शिकायत याचिका दायर की थी। प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर शिकायत की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश ने सोरेन को रांची स्थित एमपी/एमएलए कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।
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