चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश यात्राओं से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब वे अधिकारी विदेशी प्रशिक्षण या स्टडी टूर पर जा सकेंगे, जिनकी यात्रा से सरकारी खजाने पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
नये दिशा-निर्देशों के अनुसार बाहरी एजेंसियों द्वारा स्पॉन्सर्ड विदेशी प्रशिक्षण यात्राओं पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। यदि कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था, विश्वविद्यालय या संगठन यात्रा का पूरा खर्च वहन करता है, तो ऐसे मामलों में वित्त विभाग की पूर्व अनुमति भी आवश्यक नहीं होगी। विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश भेजे हैं कि स्पॉन्सर्ड प्रशिक्षण यात्राओं पर रोक लागू न की जाए।
सरकार के अनुसार यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और अधिकारियों को वैश्विक प्रथाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से किया गया है। नई गाइडलाइन में यह भी प्रावधान जोड़ा गया है कि यदि मुख्य सचिव कार्यालय की ट्रेनिंग ब्रांच की सिफारिश पर किसी आईएएस या एचसीएस अधिकारी को विदेश प्रशिक्षण पर भेजा जाता है, तो वह भी प्रतिबंध से मुक्त रहेगा।
सरकारी खर्च पर यात्राएं अब भी सीमित
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह छूट केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी, जहां राज्य सरकार पर कोई आर्थिक भार न आए। अन्य स्थितियों में विदेशी यात्राओं पर पुराने नियम और प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेंगे। नये प्रावधानों से अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के अधिक अवसर मिलेंगे और इससे प्रशासनिक गुणवत्ता, निर्णय क्षमता और वैश्विक तकनीक तथा प्रबंधन का अनुभव भी बढ़ेगा।
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