मानसा
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नवजोत कौर ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन कोड के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मानसा जिले में 75 mg से ज़्यादा प्रेगाबालिन वाले कैप्सूल की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। उन्होंने कहा कि केमिस्ट दवा देते समय प्रिस्क्रिप्शन स्लिप पर अपनी मुहर लगाएगा और दवा देने की तारीख दर्ज की जाएगी।
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने कहा कि सिविल सर्जन मानसा ने उनके ध्यान में लाया है कि 300 mg वाले प्रेगाबालिन कैप्सूल का आम लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और कई लोग इसे नशे (जिसे सिग्नेचर भी कहते हैं) के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने मानसा जिले में इसकी बिक्री पर बैन लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, मरीज को आमतौर पर उसकी हालत के हिसाब से रोजाना 25-150 mg प्रेगाबालिन की डोज दी जाती है। यह आदेश 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा।
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