कृषि यंत्रों पर अनुदान देकर किसानों को सशक्त कर रही योगी सरकार

उत्तर प्रदेश राज्य

किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है बुकिंग

पारदर्शिता पूर्ण ई-लॉटरी के माध्यम से कृषकों को मिलता है कृषि यंत्रों का लाभ 

प्रदेश में 5000 से अधिक फार्म मशीनरी बैंक स्थापित, हजारों किसानों को हुआ लाभ

लखनऊ
योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्रों का लाभ देती है। किसानों को पारदर्शिता से इसका लाभ मिले, इसके लिए सभी 75 जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कृषि विभाग द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से किसानों का चयन भी किया जाता है। यह प्रक्रिया सभी जनपदों में समान रूप से चलती है। प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों की बुकिंग तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल (ऑइलसीड) योजना के अंतर्गत मिनी ऑइल मिल एक्स्ट्रैक्सन यूनिट एवं तिरपाल की बुकिंग किसानों द्वारा विभागीय पोर्टल पर की जाती है। इसका पारदर्शी पूर्ण चयन ई-लाटरी के माध्यम से कृषि विभाग द्वारा कराया जाएगा।

2.31 लाख से अधिक कृषि यंत्रों का किया जा चुका वितरण 
कृषि यंत्रों के वितरण के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में 2017-18 से 2024-25 तक कुल 2,31,012 उन्नत कृषि यंत्रों का वितरण, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर व 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक की स्थापना कराई जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्टूबर तक 8531 कृषि यंत्र व 82 फार्म मशीनरी बैंक के बिल पोर्टल पर अपलोड कराए जा चुके हैं। 

चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि की जाती है वापस 
ई लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित कृषकों को भी सूचित किया जाता है। ई लॉटरी में चयनित नहीं होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनायें किसान हित में पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले। कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें।

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