नई दिल्ली
स्टारलिंक (Starlink) की सर्विस भारत में जल्द ही लॉन्च होगी. इसके लिए स्टारलिंक की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने केंद्रीय मंत्री ज्योदिरादित्य सिंधिया के साथ नई दिल्ली में आकर बातचीत, जिसकी जानकारी खुद सिंधिया ने X पर पोस्ट करके दी है.
इसके बाद दुनिया के सबसे अमीर शख्स Elon Musk ने मंत्री सिंधिया के पोस्ट को मेंशन करते हुए लिखा कि वह भारत में काम करने के लिए उत्सुक हैं. हालांकि अभी तक स्टारलिंक की सर्विस भारत में कब से शुरू होगी और उसकी कीमत क्या होगी, उसको लेकर अभी तक कोई ऑफिशियल ऐलान नहीं किया है.
हाल ही में स्टारलिंक की भारत के लिए वेबसाइट लाइव हो गई थी, जिसके बाद वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर ने सफाई देते हए कहा था कि वह एक डमी वेबसाइट थी, जो एक टेक्निकल खामी के चलते लाइव हो गई थी. बाद में वेबसाइट को हटा दिया गया था.
Elon Musk का पोस्ट
स्टारलिंक ने अभी भारतीय कीमत का ऐलान नहीं किया है, लेकिन अमेरिका के न्यू जर्सी में रेजिडेंशियल लाइट प्लान की कीमत 80 अमेरिकी डॉलर (करीब 7 हजार रुपये) मंथली है. इस प्लान में यूजर्स को 250Mbps की स्पीड मिलती है.
स्टारलिंक एक सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस है. देश के रिमोट एरियों में भी यूज किया जा सकेगा. देश में अभी भी बहुत से इलाके हैं, जहां पर प्रॉपर ब्रॉडबैंड की सर्विस नहीं है या फिर प्राकृतिक आपदा के चलते इंटरनेट ब्रॉडबैंड की केबल लाइन टूट जाती है. ऐसे इलाकों के लिए स्टारलिंक बहुत की काम का साबित होगी.
स्टारलिंक कैसे काम करता है?
स्टारलिंक, असल में एक सेटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है. इसके लिए पृथ्वी की निचली कक्षा यानी लो ऑर्बिट में छोटे-छोटे कई सेटेलाइट का नेटवर्क बनाया जाता है. ये सेटेलाइट पृथ्वी से लगभग 550–600 किमी की ऊंचाई पर होते हैं.
घर पर लगाना पड़ता है एंटीना डिश
Starlink सर्विस का फायदा उठाने के लिए घर या ऑफिस पर एंटीना डिश होना चाहिए. ये डिश सेटेलाइट से वायरलेस कनेक्ट हो जाती है. इसके बाद डेटा रिसीव और सेंड करती है. एंटीना डिश एक तार से कनेक्ट होती है, जिसको घर के अंदर लाकर वाईफाई राउटर से कनेक्ट किया जाता है. इसके बाद ये वाईफाई राउटर घर में इंटरनेट को प्रोवाइड कराता है.
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