सुरक्षा तैयारियों पर चिंता: यूपी पुलिस के 40 दारोगा कार्बाइन चलाने में नाकाम, बहुमत रहा असफल

उत्तर प्रदेश राज्य

कानपुर 
कानपुर पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित हथियार अभ्यास के दौरान कई दारोगा की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े हो गए। अभ्यास के दौरान 40 दारोगा में से आधे से अधिक दारोगा कार्बाइन के पुर्जे सही तरीके से असेंबल नहीं कर पाए, जबकि कुछ को इसमें काफी समय लग गया। वहीं फायरिंग रेंज में भी अधिकांश दारोगा का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा।

22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे
पुलिस लाइन में नियमित रूप से इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाहियों को पिस्टल और कार्बाइन से निशानेबाजी का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली, रेलबाजार, फीलखाना, कैंट, गुजैनी, ग्वालटोली, नवाबगंज, काकादेव, बर्रा समेत अन्य थानों से कुल 40 दारोगा को अभ्यास के लिए बुलाया गया था। इनमें कई चौकी इंचार्ज भी शामिल थे। अभ्यास के दौरान 22 दारोगा अपनी पिस्टल लेकर पहुंचे।
 
14 दारोगा ही सटीक निशाना लगा सके
सबसे पहले फायरिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास कराया गया। इसमें केवल 14 दारोगा ही लक्ष्य के निर्धारित गोले के भीतर सटीक निशाना लगा सके, जबकि शेष दारोगाओं की गोलियां गोले के आसपास ही लगती रहीं। इसके बाद पिस्टल और कार्बाइन के पुर्जों को खोलने और दोबारा असेंबल करने का अभ्यास कराया गया।
इस दौरान कई दारोगाओं की पिस्टल गंदी पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे अपने हथियारों की नियमित साफ-सफाई और अभ्यास नहीं करते हैं।
 
कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही
कार्बाइन असेंबलिंग में भी स्थिति चिंताजनक रही, क्योंकि 40 में से आधे से भी कम दारोगा इसे सही ढंग से पूरा कर सके। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सभी पुलिसकर्मियों को इसका प्रशिक्षण पहले से दिया जाता है, लेकिन नियमित अभ्यास न होने के कारण वे अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए। उन्होंने सभी को भविष्य में नियमित अभ्यास करने की सख्त चेतावनी दी और पुलिस लाइन में दोबारा अभ्यास भी कराया गया। 

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