बांग्लादेश हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय चिंता, दीपू चंद्र दास की हत्या को लेकर UN में क्या कहा गया?

दुनिया

ढाका 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या और हिंसा की अन्य घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, 'हां, बांग्लादेश में हमने जो हिंसा देखी है उससे हम बहुत चिंतित हैं।' वे बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों, विशेष रूप से पिछले कुछ दिनों में हिंदुओं की पीट-पीट कर की गई हत्याओं की घटनाओं पर महासचिव की प्रतिक्रिया से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
 
उन्होंने कहा, 'चाहे बांग्लादेश हो या कोई अन्य देश, इस बात की जरूरत है कि ऐसे लोग जो 'बहुसंख्यक' वर्ग से बाहर हैं वे सुरक्षित महसूस करें और सभी बांग्लादेशी सुरक्षित महसूस करें। हमें विश्वास है कि सरकार प्रत्येक बांग्लादेशी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।' पिछले सप्ताह बलुका में ईशनिंदा के आरोप में कपड़ा कारखाने में काम करने वाले श्रमिक दीपू चंद्र दास (25) की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और उसके शव को आग लगा दी। दास की हत्या के सिलसिले में रविवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

समाचारपत्र ‘डेली स्टार’ ने पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) के सूत्रों के हवाले से बताया कि इन गिरफ्तारियों के साथ अब तक हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में 12 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने कहा है कि वह बांग्लादेश में पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों के नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या से बेहद चिंतित हैं। हादी को कुछ दिन पूर्व बदमाशों ने गोली मार दी थी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी।

टर्क ने शांति बनाए रखने और सभी से हिंसा से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा, 'प्रतिशोध केवल विभाजन को गहरा करेंगे और सभी के अधिकारों को कमजोर करेंगे।' उन्होंने कहा, 'मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे हादी की मौत का कारण बने हमले की शीघ्र, निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी तरीके से जांच करें और घटना के जिम्मेदार लोगों के लिए उचित प्रक्रिया और जवाबदेही सुनिश्चित करें।'

देश में फरवरी में संसदीय चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में टर्क ने कहा कि एक ऐसा वातावरण सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है जिसमें सभी व्यक्ति शांतिपूर्ण ढंग से भाग ले सकें और स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें। टर्क ने कहा, 'मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे इस नाजुक समय में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और पत्रकारों की सुरक्षा के अधिकारों को बरकरार रखें और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकें।'

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry