पर्यावरण बनाम सरकार: अरावली को बचाने के लिए हरियाणा कांग्रेस नेताओं का बड़ा कदम

राज्य

चंडीगढ़
हरियाणा विधानसभा विंटर सेशन के बाद नेता प्रतिपक्ष पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा आज पत्रकारों से रूबरू होंगे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पहाड़ काटे गए तो रेगिस्तान दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बढ़ सकता है। अरावली बारिश के पानी को रोककर ग्राउंड वाटर रिचार्ज करता है, जो बंद हो जाएगा। दिल्ली–एनसीआर में पानी की समस्या अधिक गंभीर होगी।पहाड़ टूटने से बाढ़ की समस्या बढ़ेगी। वन्यजीवों का नुकसान होगा। तामपाल में बढ़ोतरी होगी। अवैध खनन और माफिया राज बढ़ेगा। अरावली को काटने का मतलब है, पानी, हवा, जंगल और जीवन को काटना।  

 हरियाणा विधानसभा में अरावली क्षेत्र में 100 मीटर तक खुदाई करने की अनुमति संबंधी केंद्र के फैसले पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अरावली क्षेत्र में 100 मीटर तक खुदाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा।

केंद्र सरकार द्वारा जो फैसला लिया गया है, हरियाणा सरकार को उस पर अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान सरकार द्वारा उन विषयों पर चर्चा की, जो विषयहीन थे, लेकिन अरावली लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन की रेखा है, जिसे बचाने की जरूरत है। अरावली पर्वत श्रृंखला दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है। यह केवल पहाड़ नहीं, बल्कि उत्तर भारत का प्राकृतिक सुरक्षा कवच है। इसे काटने या खनन करने से गंभीर पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry