झारखंड में पेसा लागू करने की राह साफ, हेमंत सरकार की कैबिनेट बैठक में 39 फैसले

राज्य

रांची

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला पेसा नियमावली (पंचायत उपबंध-अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली 2025 को स्वीकृति देना रहा, जो लंबे समय से लंबित थी।

PESA नियमावली 2025 को मंजूरी
सरकार का मानना है कि पेसा नियमावली लागू होने से अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार और स्वायत्तता मिलेगी। जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में स्थानीय समुदाय की भूमिका मजबूत होगी और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में निर्णय प्रक्रिया अधिक लोकतांत्रिक बनेगी। इसके साथ ही विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित हो सकेगी।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी
कैबिनेट ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। इसके अलावा आधारभूत संरचना को सुद्दढ़ करने के लिए कई सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई। दुमका जिले में चमराबहियार से बरदानीनाथ मंदिर पथ और बमनडीहा लिंक सड़क के मजबूतीकरण व चौड़ीकरण के लिए लगभग 31.87 करोड़ रुपये, जबकि जमशेदपुर में बहरागोड़ा से दारीशोल चौक सड़क के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के लिए लगभग 41.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

शिक्षा और सामाजिक कल्याण  के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले
सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए। सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना के तहत 9 माह तक टेक होम राशन की निर्बाध आपूर्ति के लिए अनुबंध अवधि बढ़ाई गई। वहीं मिशन वात्सल्य के तहत बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों के संचालन के लिए मार्गदर्शिका को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों के अनुपालन में कई कर्मियों की सेवा नियमित करने और वित्तीय लाभ देने की स्वीकृति दी। इनमें स्व. उदय शंकर सिन्हा, जय प्रकाश सिंह, पूनम सिन्हा, जग नारायण सिंह सहित कई कर्मी शामिल हैं। इसके साथ ही झारखंड अग्निशमन सेवा के अराजपत्रित पदों के छठे वेतनमान में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। शिक्षा और प्रशासन से जुड़े फैसलों में 21 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए लगभग 51.16 करोड़ रुपये की स्वीकृति, प्री-बजट कार्यशाला के लिए डॉ. सीमा अखौरी की टीम को नॉलेज पाटर्नर बनाना और राज्यस्तरीय आकांक्षा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों व समन्वयकों के मानदेय में वृद्धि शामिल है।  

कार्मिक और सेवा नियमों के क्षेत्र में भी कई अहम निर्णय लिए गए। सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति के लिए आयु सीमा तय करने, जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं की नियमावलियों में संशोधन और वनरक्षियों को प्रधान वनरक्षी पद पर पदोन्नति के लिए एक बार की छूट को मंजूरी दी गई। इसके अलावा परिवहन विभाग में 21 मोटरयान निरीक्षक पदों के सृजन, जर्जर सरकारी भवनों के पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी के साथ एमओयू, कांके स्थित राजकीय बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने, उद्यान निदेशालय के लिए भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान से एमओयू और विभिन्न स्थानों पर क्षतिपूरक वनरोपण के लिए करोड़ों रुपये के हस्तांतरण को स्वीकृति दी गई। कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के सत्रावसान, झारखंड राज्य कारा लिपिक-सह-कंप्यूटर संचालक नियमावली 2025, झारखंड संस्कृति संवर्ग सेवा नियमावली 2025 तथा गोमके जयपाल सिंह मुंडा विदेशी छात्रवृत्ति योजना के तहत ब्रिटिश हाई कमीशन के साथ एमओयू की अवधि बढ़ाने को भी मंजूरी दी।

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