सागर
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई जनहानि की घटना को गंभीरता से लेते हुए सागर कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी संदीप जी.आर. ने जिले की पेयजल व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हर महीने देना होगा 'नो लीकेज' सर्टिफिकेट
कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त, परियोजना प्रबंधक (MPUDC) और सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों में पाइपलाइनों का सघन निरीक्षण करें। अब से प्रत्येक निकाय को माह के प्रथम सप्ताह में यह प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से जमा करना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई भी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त नहीं है और पेयजल पूरी तरह शुद्ध है।
प्रमुख निर्देश
क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को तुरंत सुधारा जाए, ताकि गंदे पानी का मिश्रण न हो।
मरम्मत के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाए।
सप्लाई होने वाले पानी के नियमित नमूने लेकर लैब में जांच कराई जाए।
दूषित पानी की शिकायत मिलते ही अधिकारी उसे गंभीरता से लें और तत्काल मौके पर सुधार सुनिश्चित करें।
जनहानि रोकने के लिए एहतियात
कलेक्टर संदीप जी.आर. ने कहा कि समाचार माध्यमों से संज्ञान में आया है कि दूषित जल से नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिले में ऐसी स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि जल स्रोतों के पास स्वच्छता बनाए रखें और किसी भी लीकेज की सूचना तुरंत विभाग को दें।
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