नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर तीखा तंज कसने वाली लोकगायिका नेहा सिंह राठौर अब भी अपनी बातों पर कायम हैं। उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में इसे लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की नोटिस के बाद शनिवार की शाम नेहा सिंह राठौर बयान दर्ज कराने थाने पहुंची। यहां चार घंटे तक रहने के बाद भी बयान दर्ज नहीं हो सका और वापस चली गईं। बयान दर्ज नहीं होने का नेहा ने दो कारण बताया है। पहला कि थाने के प्रभारी निरीक्षक मीटिंग में होने के कारण नहीं थे। दूसरा सूर्यास्त के बाद किसी महिला का बयान दर्ज नहीं होता है। नेहा ने इसके साथ ही कहा कि जिस बात को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उस बात पर अब भी कायम हैं। नेहा ने पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री पर इशारों में तंज कसा था। अब यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना होनी चाहिए।
थाने से निकलते समय नेहा ने कहा कि पहलगांव में जो आतंकवादी हमला हुआ था, उसी सिलसिले में मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। 8-9 महीने पहले लगभग दर्ज मामले में हजरतगंज थाने की तरफ से मुझे दो नोटिस अब तक दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि मुझे आना है और जांच में सहयोग करना है, तो मैं आई हुई थी। इतनी रात में आने का कारण पूछने पर नेहा ने कहा कि मैं तीन-चार घंटे से यहां पे बैठी हुई थी। इतनी रात को मैं नहीं आई थी। कहा कि प्रभारी निरीक्षक किसी मीटिंग में व्यस्त थे, इसलिए इतना इंतजार करना पड़ा है। अभी हमारी बातचीत हो पाई है। जिस बयान को लेकर एफआईआर हुई है नेहा ने उस पर कायम रहने की बात भी कही। नेहा ने कहा कि मैं समझती हूं कि बिल्कुल प्रधानमंत्री जी की आलोचना होनी चाहिए और आज मैं अपने बात पर कायम हूं।
नेहा के साथ उनके पति हिमांशु भी थाने पहुंचे थे। हिमांशु ने कहा कि 15 दिन पहले नोटिस मिला था। उस समय नेहा का स्वास्थ्य ठीक नहीं था तो बता दिया गया था कि स्वास्थ्य ठीक होते ही आएंगे। अब दूसरा नोटिस मिला जिसमें तीन दिन के अंदर आने को बोला गया। आज तबीयत भी ठीक थी और हमें जैसे ही नोटिस मिला हम तुरंत चले आए। एफआईआर को लेकर हिमांशु ने कहा कि नेहा ने कुछ ट्वीट्स किए थे। प्रधानमंत्री जी से कुछ सवाल पूछे थे। उसके बाद कुछ लोगों को नाराजगी हुई और उन्होंने एफआईआर दर्ज करा दी। देश में एफआईआर दर्ज कराना कितना आसान है, इससे पता ही चल जा रहा है।
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