‘दोस्ती अभी बाकी है’—ट्रंप की भारत वापसी पर अमेरिकी दूत का बड़ा खुलासा

Spread the love

नई दिल्ली
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत दौरे पर आ सकते हैं। भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में अपना कार्यभार संभालते हुए इस बात के संकेत दिए। उन्होंने न केवल ट्रंप और पीएम मोदी की 'सच्ची दोस्ती' का जिक्र किया, बल्कि वाइट हाउस के अंदर की कुछ दिलचस्प बातें भी शेयर कीं।

सर्जियो गोर ने अपने पहले संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर अपनी पिछली भारत यात्रा को याद करते हैं और अगले एक-दो सालों में दोबारा भारत आने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा- रष्ट्रपति ट्रंप को यहां की अपनी पिछली यात्रा याद है। मैं पिछले हफ्ते राष्ट्रपति के साथ था और जब हमने नए साल के ठीक बाद डिनर किया, तो उन्होंने यहां आने के अपने शानदार अनुभव और भारत के महान प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी गहरी दोस्ती के बारे में बताया। मुझे यह भी उम्मीद है कि राष्ट्रपति जल्द ही हमसे मिलने आएंगे, उम्मीद है अगले एक-दो साल में भारत आएंगे।

'दोस्त हैं, इसलिए मतभेद सुलझा लेंगे'
राजदूत गोर ने दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापार और टैरिफ विवादों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूरी दुनिया घूमा हूं और मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती 'असली' है। सच्चे दोस्तों में असहमति हो सकती है, लेकिन वे अंत में अपने मतभेद सुलझा ही लेते हैं।"

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते और टैरिफ को लेकर थोड़ी खींचतान चल रही है। गोर ने भरोसा दिलाया कि दोनों देश इन मुद्दों को सुलझाने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।

वाइट हाउस की 'इनसाइड स्टोरी', रात 2 बजे के फोन कॉल
राजदूत ने ट्रंप और मोदी के रिश्तों की गहराई बताने के लिए एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया- राष्ट्रपति ट्रंप की आदत है कि वे रात के 2 बजे फोन करते हैं। और नई दिल्ली के टाइम डिफरेंस को देखते हुए, यह आदत भारत के साथ रिश्तों में काफी फिट बैठती है।

भारत 'पैक्स सिलिका' का हिस्सा बनेगा
अपने संबोधन में सर्जियो गोर ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को 'पैक्स सिलिका' एलायंस में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेगा। यह अमेरिका के नेतृत्व वाला एक रणनीतिक समूह है, जिसमें जापान, दक्षिण कोरिया, इजरायल और ताइवान जैसे देश शामिल हैं। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित करना और एआई (AI) तकनीक में सहयोग बढ़ाना है।

सर्जियो गोर, जो ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं, उन्होंने साफ किया कि उनका लक्ष्य भारत-अमेरिका संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना है। उन्होंने कहा- भारत से ज्यादा जरूरी कोई साझीदार नहीं है। आने वाले महीनों और सालों में, मेरा लक्ष्य एक बेहद महत्वाकांक्षी एजेंडे को आगे बढ़ाना होगा।

गौरतलब है कि सर्जियो गोर ने ऐसे समय में कार्यभार संभाला है जब अमेरिका में 'रूस प्रतिबंध अधिनियम' जैसे कानूनों पर चर्चा हो रही है, जिसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, गोर के बयानों से साफ है कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रख रहा है।

Related Articles

Back to top button