लखनऊ
योगी सरकार ने आईएएस अफसरों द्वारा संपत्तियों का ब्योरा देने में हिलाहवाली करने को गंभीरता से लिया है। जानकारी नहीं देने आईएएस अफसरों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। यूपी कॉडर के 683 आईएएस अफसरों में 240 ने संपत्तियों की जानकारी दी है ओर 443 ने स्पैरो पोर्टल पर चल-अचल संपत्तियों की जानकारी नहीं दी है। नियुक्ति विभाग ने इस संबंध में गोपनीय रूप से आंतरिक अलर्ट जारी किया है।
आईएएस अधिकारियों को प्रत्येक वर्ष अर्जित की गई संपत्तियों का विवरण अनिवार्य रूप से स्पैरो (SPARROW) पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करना होता है। वर्ष 2025 में अर्जित संपत्तियों की जानकारी अधिकारियों को 31 जनवरी तक पोर्टल पर अपलोड करनी है। सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि कई अधिकारी संपत्तियों का विवरण देने में लापरवाही बरत रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग की ओर से आंतरिक अलर्ट जारी किया गया है और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कुल 443 आईएएस अधिकारियों में से 12 ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर ड्राफ्ट के रूप में भर तो दिया है, लेकिन उसे अब तक अंतिम रूप से सबमिट नहीं किया है। नियुक्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के बाद जानकारी न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
दो पीसीएस अफसरों की राज्य निर्वाचन आयोग में तैनाती
राज्य सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग में दो पीसीएस अधिकारियों की तैनाती की है। यह तैनाती पंचायत चुनाव की तैयारियों को देखते हुए की गई है। अविनाश गौतम एसडीएम कन्नौज और अभिषेक वर्मा एसडीएम रायबरेली को राज्य निर्वाचन आयोग में तैनाती दी गई है।
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