भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्विट्जरलैंड के दावोस जाने की तैयारी कर रहे हैं। स्विट्जरलैंड का उनका ये दौरा महज एक विदेश यात्रा नहीं, बल्कि इसके माध्यम से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का अहम कदम होगा। वर्ल्ड इकोननॉमिक फोरम के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने से पहले सीएम मोहन यादव ने मंत्रालय में वरिष्ठ अफसरों के साथ एक रणनीतिक बैठक आयोजित की।
बैठक में तय हुआ एमपी खुद को कैसे करेगा पेश
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत उद्योग, निवेश, ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में तय किया गया कि दावोस के मंच पर मध्यप्रदेश को खुद को किन प्रमुख बिंदुओं और संभावनाओं पर पेश करना चाहिए। खासतौर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेश के अनुकूल माहौल और हाल के सालों में हुए सुधारों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
प्राथमिक एजेंडे में क्या
जानकारी के मुताबिक सीएम ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि दावोस में सिर्फ योजनाओं का ब्योरा नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की 'ग्राउंड रियलिटी' और निवेश की वास्तविक संभावनाएं सामने रखी जाएं। राज्य में लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन सेक्टर में मौजूद अवसरों को प्राथमिक एजेंडे में शामिल किया जा रहा है।
जाने से पहले एक और उच्चस्तरीय बैठक होगी
बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले एक और उच्चस्तरीय बैठक की जाएगी, जिसमें दावोस में होने वाली संभावित द्विपक्षीय बैठकों और निवेश प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अगले सप्ताह स्विट्जरलैंड के दावोस रवाना होंगे। ऐसे में यह दौरा मध्यप्रदेश के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय मंच नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है।
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