पंजाब में BSF-पुलिस ने चलाया जॉइंट सर्च ऑपरेशन, कोहरे की आड़ में सक्रिय पाक ड्रोन

राज्य

गुरदासपुर.

पाकिस्तानी तस्करों द्वारा घने कोहरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में भेजे जा रहे ड्रोन एक बार फिर बीएसएफ, पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। बीते वर्ष दिसंबर तक पंजाब की 553 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने लगभग 300 ड्रोन पकड़े थे, जिनमें गुरदासपुर सेक्टर की 134 किलोमीटर सीमा से सबसे अधिक गतिविधि देखी गई। इसके साथ बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ और हथियार भी बरामद किए गए थे।

वीरवार रात कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच ड्रोन गतिविधि दो स्थानों पर दर्ज हुई, एक बीएसएफ की 27 बटालियन की बीओपी चंदू वडाला और दूसरी 113 बटालियन की बीओपी आबाद पोस्ट पर। आसमान में ड्रोन की आवाज सुनाई दी, लेकिन कोहरा इतना घना था कि कोई ड्रोन दिखाई नहीं दिया। सूचना मिलते ही थाना कलानौर और डेरा बाबा नानक के एसएचओ तथा बीएसएफ जवानों ने खेतों में व्यापक सर्च अभियान चलाया, परंतु कोई बरामदगी नहीं हुई।

कोहरे के कारण दिक्कतें आ रही
सीमा पर एंटी-ड्रोन डिवाइस तैनात होने के बावजूद कोहरे में आने वाले ड्रोन सुरक्षा तंत्र को चकमा दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी तस्कर चाइना मेड ड्रोन सहित 5 से 15 किलो भार वहन करने वाले हाई-रेंज ड्रोनों का प्रयोग करते हैं। बीएसएफ ने कई बार इन मंसूबों को नाकाम किया है और जवान लगातार सतर्क हैं। ड्रोन गतिविधि के दौरान बीएसएफ आकाश में आईएलएलयू बम (इल्युमिनेशन बम) का इस्तेमाल करती है, जो 300, 700 और 900 मीटर की ऊंचाई पर 35–45 सेकंड तक तेज रोशनी फैलाते हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधि स्पष्ट दिखाई दे सके।

गांवों में विलेज डिफेंस कमेटियां एक्टिव
एसएसपी आदित्य ने बताया कि सीमा से सटे गांवों में पंजाब पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटियां गठित की हैं, जिनके सहयोग से कई बार तस्करों को पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि रात के समय नाकाबंदी और गश्त और अधिक कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी नापाक हरकत को रोका जा सके।

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