ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाने की जांच में जुटी एसओजी, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय में तीसरी आंख के पहरे में फर्जीवाड़ा

राज्य

जयपुर.

जयपुर में दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र स्थित राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) शीट्स में नंबर बढ़ाकर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ दिलाने के महाघोटाले की जांच स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) कर रही है।

यह गड़बड़ी चयन बोर्ड के तकनीकी प्रमुख संजय माथुर के कार्यकाल में हुई बताई जा रही है। एसओजी अब कंपनी की ओर से करवाई सभी परीक्षाओं की गहन जांच करेगी। एसओजी को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है, जिसमें तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए और इसके बदले मोटी रकम का लेन-देन हुआ।

अनुसंधान जारी है – डीआइजी परिस देशमुख
डीआइजी परिस देशमुख ने बताया कि मामले में अनुसंधान जारी है और संदेह में आए सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

3 आरोपी जेल भेजे
मामले में गिरफ्तार आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड, नई दिल्ली के प्रतिनिधि विनोद कुमार गौड़, शादान खान और अभ्यर्थी पूनम को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पूछताछ में आए तथ्यों के आधार पर एसओजी अब उन अभ्यर्थियों को नोटिस जारी कर बुलाने की तैयारी कर रही है, जिनकी ओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाए गए। अनुसंधान के बाद इन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जाएगा। एसओजी उन बिचौलियों की भी तलाश में है, जिन्होंने अभ्यर्थियों और तकनीकी टीम के बीच सेतु का काम किया। माना जा रहा है कि इन्हीं बिचौलियों के जरिये सौदे तय हुए और रकम का लेन-देन हुआ। इस संबंध में बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है।

तकनीकी प्रमुख और प्रोग्रामर रिमांड पर
अनुसंधान अधिकारी यशवंत सिंह ने बताया कि तकनीकी प्रमुख संजय माथुर को 23 जनवरी को और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल को 22 जनवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों फिलहाल एसओजी रिमांड पर हैं।

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