उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और समुचित देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता -श्री अमित कटारिया’

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

‘स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर केंद्रित दो दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित’

प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति, गुणवत्ता और प्रभावशीलता की व्यापक समीक्षा के उद्देश्य से दो दिवसीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का शुभारंभ आज नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में किया गया। बैठक माननीय स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में तथा स्वास्थ्य विभाग के सचिव   अमित कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

बैठक के प्रथम दिवस सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधकों की उपस्थिति में विभागीय योजनाओं की विस्तृत जिलेवार समीक्षा की गई। सचिव   कटारिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रेखांकित करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए लक्षित प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाते हुए 1 अप्रैल 2026 तक यू-विन पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया, ताकि हितग्राहियों तक समय पर और सरल जानकारी पहुँच सके।

सचिव ने पंजीकृत गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित पहुँच हो।

बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता तथा अधोसंरचना की सुदृढ़ स्थिति को सेवा गुणवत्ता के प्रमुख मानकों के रूप में रेखांकित किया गया।   कटारिया ने सेवा प्रदायगी के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और ईमानदारी बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के संचालक   संजीव कुमार झा, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन   रणबीर शर्मा, संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. एस.के. पामभोई, सभी संभागों के संयुक्त संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कुष्ठ एवं टीबी उन्मूलन सहित प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। साथ ही फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी से प्रारंभ होने वाले सामूहिक दवा सेवन अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

समापन संबोधन में सचिव   कटारिया ने कहा कि प्रदेश को टीबी एवं मलेरिया मुक्त बनाना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सतत सुधार लाना तथा प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से सेवा भावना, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जन-अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरा जा सके।

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