खेती और पानी को प्राथमिकता: मंत्री श्री चौहान ने गिनाईं सरकार की शीर्ष योजनाएँ

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल.

अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य लेकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। मंत्री  चौहान आलीराजपुर जिले के ग्राम मोरासा में हथनी बैराज परियोजना-02 के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री  चौहान ने ग्राम मोरासा में हथनी बैराज परियोजना-02 के का भूमिपूजन किया। परियोजना की लागत 471.03 लाख रुपये है। इस परियोजना से ग्राम मोरासा के 324 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।इस परियोजना से जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।

मंत्री  चौहान ने कहा कि इस बैराज के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों के कुएं, तालाब और बोरिंग का जलस्तर बेहतर होगा। इससे सिंचाई का रकबा बढ़ेगा और किसान वर्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे। उन्होंने फाटा परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होने के बाद अब किसान ग्रीष्म ऋतु में भी फसल ले पा रहे हैं, जबकि पूर्व में खेती केवल बरसात तक सीमित रहती थी।

मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना रही हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में दी जा रही है। वहीं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए गरीब और पात्र परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मंत्री  चौहान ने युवाओं से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रोजगार प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही जो युवा औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें खेती के साथ वैकल्पिक व्यवसाय अपनाने की सलाह दी। मोबाइल रिपेयरिंग, मोटर मैकेनिक, वेल्डिंग, कियोस्क संचालन, कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसे कार्यों के माध्यम से जिले में ही रोजगार के अवसर सृजित करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। किसानों से खेती के साथ पशुपालन और बकरी पालन अपनाकर आय बढ़ाने की भी अपील की।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

 

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