ED समन विवाद में नया मोड़: अमरिंदर सिंह केस संभाल रहे अफसर का ट्रांसफर, उठे कई सवाल

राज्य

चंडीगढ़
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन के कई साल पुराने मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणिंदर सिंह को समन जारी करने वाले प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एडिशनल डायरेक्टर रवि तिवारी का जालंधर से चेन्नई ट्रांसफर कर दिया गया है। समन जारी होने के बाद से पंजाब में राजनीतिक हलचल बहुत बढ़ गई थी और अब कार्रवाई शुरू होने के तुरंत बाद ही अधिकारी का ट्रांसफर करने से इस घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। अभी ईडी या केंद्र सरकार की ओर से रवि तिवारी के ट्रांसफर की कोई वजह नहीं बताई गई है। हालांकि विपक्षी दल इसे सियासी दबाव बता रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणिंदर सिंह को भेजे गए समन में आज (13 फरवरी को) पेश होने के लिए कहा गया था लेकिन कार्रवाई से पहले ही समन भेजने वाले अधिकारी का ही ट्रांसफर हो गया।

कैप्टन अस्पताल में, मिलने पहुंच रहे बीजेपी के बड़े नेता
कुछ दिन पहले घुटने के दर्द के चलते कैप्टन अमरिंदर सिंह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हुए थे, जहां उनका ऑपरेशन हुआ था। वह अभी भी अस्पताल में हैं। इस दौरान बीजेपी के कई बड़े नेता उन से मिलने पहुंचे। इनमें हरियाणा के मंत्री अनिल विज और पंजाब बीजेपी संगठन के महासचिव श्रीनिवासुलु शामिल थे। ईडी का समन मिलने पर स्वास्थ्य कारणों से कैप्टन पेश नहीं हो सके, जबकि रणइंदर सिंह भी निर्धारित तारीख पर पेश नहीं हुए। अगली तारीख दिए जाने से पहले ही संबंधित अधिकारी का तबादला आदेश जारी हो गया।

भाजपा पर टिप्पणी करना पड़ा कैप्टन को भारी
कैप्टन की अगुआई में कांग्रेस ने पंजाब में 2002 और 2017 में विधानसभा चुनाव कांग्रेस जीता था। दोनों बार कैप्टन ही मुख्यमंत्री भी बने। पंजाब कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू और बाद में चरणजीत सिंह चन्नी के बीच कलह चल रही थी। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कैप्टन ने पाला बदला और बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी में होते हुए भी वह पार्टी में अपनी पोजिशन और पंजाब में बीजेपी की हालत पर मुखर होकर बोलते रहे। विरोधियों ने उन पर ईडी का समन जारी होने की वजह इसी को बताया है।

कांग्रेस ने दिया घर वापसी का खुला ऑफर
कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह को विदेशों में संपत्ति के मामले में समन जारी होने के तुरंत बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस आने का खुला ऑफर दे दिया। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने कल कहा था कि कैप्टन अगर कांग्रेस में आना चाहें तो हाईकमान विचार कर सकता है। हालांकि कैप्टन की बेटी व पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने कल ही लुधियाना में कहा कि कैप्टन कहीं नहीं जा रहे हैं। वो भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे।

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