इंदौर
जिले के सिरपुर इलाके में एक निजी स्कूल में उस समय तनाव बढ़ गया, जब 8वीं बोर्ड की परीक्षा दे रही दो छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब हटाने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद एक महिला टीचर ने न सिर्फ छात्राओं के सिर से कपड़ा हटाने को कहा, बल्कि विरोध करने पर उनके 20 नंबर काटने की धमकी तक दे डाली। जब यह मामला सामने आया, तो स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
हिजाब नहीं उतारने पर नंबर काटने की धमकी
यह पूरी घटना 25 फरवरी की है। शिकायत के मुताबिक, परीक्षा हॉल में बैठी छात्राओं को टीचर ने टोकते हुए कहा कि वे सिर ढककर पेपर नहीं दे सकतीं। जब बच्चियों ने मना किया, तो उन्हें डराया गया कि उनके रिजल्ट से नंबर कम कर दिए जाएंगे। जैसे ही यह बात बच्चों को छोड़ने आए परिजनों तक पहुंची, उन्होंने स्कूल के बाहर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते अल्पसंख्यक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए और पूछा कि आखिर किस नियम के तहत यह पाबंदी लगाई गई है?
नकल का डर या अपनी मनमानी?
हंगामा बढ़ता देख ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर राजेंद्र तंवर जांच के लिए सेंटर पहुंचे। जब उन्होंने संबंधित टीचर से पूछताछ की, तो अजीबोगरीब दलील सामने आई। टीचर का कहना था कि उन्होंने यह निर्देश इसलिए दिया ताकि नकल की कोई गुंजाइश न रहे। हालांकि, शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने पर रोक लगाने का ऐसा कोई भी लिखित आदेश उनकी तरफ से जारी नहीं किया गया है।
अधिकारियों ने मांगी सफाई
संस्थाओं का कहना है कि स्कूल अपनी मर्जी से ऐसे नियम नहीं थोप सकता जो सरकारी निर्देशों में ही न हों। फिलहाल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल से इस पूरे मामले पर लिखित सफाई मांगी है। इस घटना के बाद से सेंटर पर तनाव का माहौल है और परिजनों ने मांग की है कि परीक्षा के दौरान बच्चों को मानसिक रूप से परेशान करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
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