चुनाव 2028 की तैयारी: सोशल मीडिया के जरिए जनता तक मुद्दे पहुंचाने की कांग्रेस की बड़ी योजना

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भोपाल
संगठन सृजन अभियान के साथ ही जन-जन तक पहुंच बढ़ाने के लिए कांग्रेस नए-नए प्रयोग कर रही है। इसमें तकनीक के बदलते दौर की दृष्टि से सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की रणनीति है। इसके लिए बड़ा प्रयास यह कि पार्टी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों का सहयोग लेने जा रही है। इनकी संख्या हजारों में होगी। शुरुआत में लगभग 250 को चिह्नित भी कर लिया गया है। यह ऐसे लोग हैं जिनके सोशल मीडिया में बड़ी संख्या में फालोअर्स हैं। लेखन अच्छा है, कांग्रेस विचारधारा की ओर झुकाव है। ये इंफ्लूएंसर अपने वाल, हैंडल आदि पर लिखेंगे।

कांग्रेस के बड़े नेताओं के जन्मदिवस, पुण्यतिथि, बड़े आयोजन, चुनाव, पार्टी की रीति नीति, त्वरित मुद्दों पर लिखेंगे। पार्टी ने ऐसे लोगों को खोजने के लिए कई महीने तक उनके सोशल मीडिया पोस्ट देखे। इसमें सामने आया कि उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की प्रतिक्रियाएं आती हैं।

हर जिले में रहेगी इंफ्लूएंसरों की टीम
समसामयिक विषयों और राजनीति की समझ भी अच्छी है। यह भी पता चला कि उनका झुकाव कांग्रेस की तरफ है, ऐसा नहीं है तो भी भाजपा विरोधी हैं। इसके बाद पार्टी ने इन लोगों से संपर्क किया और तैयार किया। हर जिले के लिए पांच से 10 इंफ्लूएंसरों की टीम रहेगी। विधानसभा चुनाव के पहले तक इनकी संख्या बढ़ाने का भी लगातार प्रयास किया जाएगा। प्रदेश संगठन इनके सतत संपर्क में रहेगा। कोशिश की जाएगी की सभी अलग-अलग विषयों पर अपनी बात पोस्ट करें। कांग्रेस में पहली बार इस तरह का प्रयोग हो रहा है।

सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए पार्टी ग्राम पंचायत स्तर तक सोशल मीडिया का नेटवर्क तैयार कर रही है। 25 सदस्यों वाली पंचायत समितियां में एक व्यक्ति सोशल मीडिया के लिए भी काम करेगा। उसके पास बूथ स्तर तक सभी मतदाताओं का डाटा रहेगा। इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला स्तर तक भी सोशल मीडिया का प्रभारी बनाया जाएगा।

भाजपा भी इंफ्लुएंसरों को जोड़ रही
भाजपा भी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को अपने साथ जोड़ रही है। हाल ही में भोपाल में पार्टी के सभी विधायकों के सोशल मीडिया हैंडलर्स का प्रशिक्षण हुआ था। इसमें उन्हें कहा गया था कि विधानसभा क्षेत्र, तहसील, मंडल से लेकर गांव-गांव तक जो छोटे-छोटे इंफ्लुएंसर हैं उन्हें भाजपा की विचारधारा से जोड़ा जाए, जिससे पार्टी की गतिविधियां निचले स्तर तक पहुंच सकें। इसके अतिरिक्त पार्टी के आइटी विभाग का अपना अलग नेटवर्क है।

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