झारखंड में वोटर लिस्ट का बड़ा सत्यापन अभियान: SIR शुरू, जानें क्या करना होगा और कौन-से दस्तावेज लगेंगे

राज्य

रांची

झारखंड में इस महीने से ही एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को कराने की तैयारी के अंतिम चरण में है और इसके लिए जिलों को दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। आयोग का लक्ष्य है कि अधिसूचना जारी होने के लगभग 100 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

लगभग 2.65 करोड़ मतदाता पंजीकृत
एसआईआर एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची में दर्ज सभी नामों का सत्यापन किया जाता है। इसका उद्देश्य है फर्जी, मृत, स्थानांतरित या दो जगहों पर दर्ज मतदाताओं के नाम हटाना और सही मतदाताओं को सूची में शामिल करना। राज्य में वर्तमान में लगभग 2.65 करोड़ मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से अब तक 73% से अधिक मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है। शेष मतदाताओं का सत्यापन और सुधार एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में ही करीब 12 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनके नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि की श्रेणी में आ सकते हैं।

प्रारंभिक जांच में 6.72 लाख गलतियां पाई गई
एसआईआर की तैयारी के तहत अब तक 1.61 करोड़ मतदाताओं का पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया जा चुका है और मतदाता सूची में मिली गलतियों को ठीक किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में 6.72 लाख गलतियां पाई गई हैं, जिनमें फोटो, नाम और पते की गड़बड़ियां शामिल हैं। जिलों में बैठक कर रणनीति बनाई जा रही है। बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, डिजिटल डेटा अपडेट किया जा रहा है और मतदाताओं की पैरेंटल मैपिंग का काम भी तेजी से चल रहा है।

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को निम्न कार्य करने पड़ सकते हैं:

पहचान के दस्तावेज़ जैसे आधार कार्ड, पहचान पत्र या अन्य प्रमाण पत्र दिखाना।
 
अगर नाम, उम्र, फोटो या पते में कोई गलती है तो निर्धारित फॉर्म भरकर सुधार के लिए आवेदन देना।
     
18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा अपना नाम मतदाता सूची में जोड़वा सकते हैं।

 

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