नई दिल्ली
इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग का असर अब खेल जगत पर भी दिखने लगा है. ईरान की ओर से कहा गया है कि वह 2026 फुटबॉल विश्व कप (फीफा) में हिस्सा नहीं लेगा. यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद मिडिल ईस्ट के साथ ही लगभग पूरी दुनिया के हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ईरान के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि जिस देश ने उनके सर्वोच्च नेता की हत्या की है, वहां जाकर खेलना संभव नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा हालात में टीम की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके बाद पूरे क्षेत्र में संघर्ष की स्थिति बन गई है।
क्या बोले ईरान के खेल मंत्री
ईरान के खेल मंत्री ने कहा कि इन हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और देश युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है. ऐसे में टीम को विश्व कप खेलने के लिए भेजना सही नहीं होगा. 2026 का फुटबॉल विश्व कप 11 जून से 19 जुलाई के बीच अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में खेला जाना है. इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी।
इससे पहले फुटबॉल की वैश्विक संस्था के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने कहा था कि उनकी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत हुई है. ट्रंप ने भरोसा दिलाया था कि ईरानी टीम का टूर्नामेंट में स्वागत किया जाएगा और उन्हें सुरक्षित प्रवेश मिलेगा।
पिछले साल हुए ड्रॉ में ईरान को ग्रुप-जी में बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया था. इस ग्रुप के सभी मैच अमेरिका में होने थे, जिनमें दो मुकाबले लॉस एंजिलिस और एक सिएटल में तय थे।
अगर ईरान टूर्नामेंट से हटा तो क्या होगा
हालांकि अगर ईरान आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से हटता है तो नियमों के तहत उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और उसकी जगह किसी दूसरी टीम को मौका दिया जा सकता है।
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