अडाणी पावर प्लांट बना तनाव का केंद्र: सिंगरौली में आगजनी और भारी तोड़फोड़

मध्य प्रदेश राज्य

सिंगरौली

जिले के माढ़ा थाना क्षेत्र के बंधौरा क्षेत्र स्थित अडाणी पावर प्लांट में झारखंड निवासी श्रमिक की मौत के बाद शनिवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। गुस्साए मजदूरों ने सुबह जमकर हंगामा किया और ठेकेदार कंपनी के कार्यालय में आग लगा दी।

पावर प्लांट की एक साइट में भी आगजनी की गई। परिसर में खड़ी 12 से अधिक गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की और उन्हें पलटा दिया। थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी के वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई।

पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में करीब 200 पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया गया है।

शव छिपाने का आरोप लगाया

अडाणी ग्रुप से जुड़े बंधौरा पावर प्लांट में करीब 10 हजार श्रमिक काम करते हैं। ठेका कंपनी पावर मेक के तहत काम करने वाले झारखंड निवासी श्रमिक लल्लन सिंह (38) पुत्र रामदास चंद्रवंशी, निवासी गढ़वा, झारखंड की शुक्रवार रात आवास पर मौत हो गई। इस दौरान अफवाह फैली कि श्रमिक की ऊंचाई से गिरने के कारण मौत हुई है। मजदूरों का आरोप था कि श्रमिक की मौत के बाद कंपनी प्रबंधन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है और शव को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

शीशे तोड़े, गाड़ियों में भी आग लगाई

आक्रोशित मजदूरों ने ठेका कंपनी के कार्यालय परिसर में खड़े वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और कुछ वाहनों में आग भी लगा दी। आगजनी के कारण परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागते नजर आए। सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ काफी आक्रोशित थी। कंपनी के कर्मचारियों से भी मारपीट की गई, जिससे वे मौके से भाग खड़े हुए। कुछ श्रमिक भी सामान समेटकर चले गए हैं।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, भारी पुलिस बल तैनात

पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। पुलिस ने किसी तरह मजदूरों को समझाकर माहौल शांत कराया। मजदूरों का कहना था कि मृत श्रमिक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मृतक मजदूर का शव झारखंड रवाना कर दिया गया है।

कंपनी का दावा, हृदयाघात से हुई मौत

कंपनी प्रबंधन का कहना है कि श्रमिक की मौत उसके आवास पर हुई है। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रबंधन का कहना है कि नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच की बात कह रहा है। कंपनी के सिक्योरिटी इंचार्ज राकेश कुमार का कहना है कि तोड़फोड़ और आगजनी से करोड़ों का नुकसान हुआ है।

 

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